नई दिल्ली: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।
बैठक के बाद छात्रों ने बातचीत को सकारात्मक बताया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।
8 छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से की बातचीत
देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले ‘JPSC-JSSC न्याय’ गुट की ओर से आठ छात्रों का प्रतिनिधिमंडल सरकार से बातचीत के लिए पहुंचा। स्टेट गेस्ट हाउस में हुई बैठक में अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा।
बैठक सुबह करीब 11:20 बजे शुरू हुई। बातचीत खत्म होने के बाद छात्र वापस प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन जारी रखने की बात कही।
छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार, सरकार के साथ चर्चा सकारात्मक रही, लेकिन उनकी मांगों को लेकर अभी ठोस निर्णय नहीं हुआ है।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने क्या कहा?
छात्र प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार अलग-अलग छात्र संगठनों और संबंधित पक्षों से लगातार बातचीत करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों और अन्य संबंधित लोगों से सुझाव लेने के लिए एक ईमेल आईडी भी जारी की है। छात्र और अन्य पक्ष अपनी राय JPSSC.feedback@gmail.com पर भेज सकते हैं।
मंत्री के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य अलग-अलग पक्षों से मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए सुधार की नीति तैयार करना और सामूहिक रूप से निर्णय लेना है। उन्होंने कहा कि प्राप्त ईमेल के आधार पर छात्रों और अन्य संबंधित लोगों की चिंताओं पर विचार किया जाएगा।
सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों को दिया आश्वासन
सरकार के प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के बीच हुई बैठक में अभ्यर्थियों ने अपनी मांगें रखीं। सरकार की ओर से प्रदर्शनकारी छात्रों को उनकी चिंताओं पर विचार करने का आश्वासन दिया गया।
हालांकि, आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी और मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
CBI और ED जांच की मांग
छात्रों के एक गुट ने JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI और ED से जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा इस गुट ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की भी मांग उठाई है।
छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।
10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने, कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराने और JPSC-JSSC में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
छात्रों ने कहा है कि अगर रविवार तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो वे 10 अगस्त को पूर्व निर्धारित विधानसभा मार्चकरेंगे।
फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन मांगों पर अंतिम सहमति नहीं बनने के कारण रांची में आंदोलन खत्म होता नजर नहीं आ रहा है।
