पीएम मोदी की फेसबुक पोस्ट हटने के विवाद पर महुआ मोइत्रा ने किया मार्क जुकरबर्ग का समर्थन

पीएम मोदी की फेसबुक पोस्ट हटने के विवाद पर महुआ मोइत्रा ने किया मार्क जुकरबर्ग का समर्थन

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट कुछ समय के लिए हटाए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग का समर्थन करते हुए कहा कि कंपनी को किसी दबाव में आकर माफी नहीं मांगनी चाहिए। वहीं, इस मुद्दे पर संसदीय समिति ने Meta के अधिकारियों से जवाब-तलब किया, जहां कंपनी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगने की इच्छा जताई।

महुआ मोइत्रा ने क्या कहा?

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, “हैलो मार्क, कृपया किसी के दबाव में आकर माफी मत मांगिए। भारत सरकार अक्सर नागरिकों पर दबाव बनाती है, उन्हें धमकाती है और सरकार की आलोचना करने वाले कंटेंट को अपनी इच्छा से हटवाती है। एक वीडियो कुछ घंटों के लिए गलती से हट गया, इससे आसमान नहीं टूट पड़ा।”

उनकी यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई जब Meta के प्रतिनिधि सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश हुए।

संसदीय समिति ने मांगा जवाब

बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट कुछ समय के लिए हटाए जाने और Meta की कंटेंट मॉडरेशन नीति को लेकर कई सवाल पूछे। सदस्यों ने जानना चाहा कि आखिर पोस्ट हटने के पीछे क्या कारण था और इस मामले में जवाबदेही किसकी होगी।

Meta ने गलती मानी, माफी की जताई इच्छा

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, Meta के अधिकारियों ने समिति को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट तकनीकी त्रुटि के कारण कुछ समय के लिए प्रतिबंधित हो गई थी, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। कंपनी ने कहा कि वह इस गलती के लिए माफी मांगने को तैयार है।

इससे पहले भी Meta ने इस घटना के पीछे तकनीकी गड़बड़ी को वजह बताया था। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कंपनी की इस सफाई को “अपर्याप्त” करार दिया था।

कंटेंट मॉडरेशन पर उठे सवाल

संसदीय समिति ने Meta की कंटेंट मॉडरेशन नीति पर भी सवाल उठाए। समिति के सदस्यों ने पूछा कि यदि प्रधानमंत्री की पोस्ट हट सकती है, तो अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्लेटफॉर्म पर कैसे बनी रहती है। साथ ही यह भी पूछा गया कि पोस्ट हटाने का फैसला किस स्तर पर लिया गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

भाजपा सांसद ने की कानूनी कार्रवाई की मांग

सूत्रों के अनुसार, बैठक में एक भाजपा सांसद ने कहा कि केवल माफी पर्याप्त नहीं है और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जाना चाहिए। वहीं, एक अन्य सदस्य ने कहा कि यदि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का वीडियो भी सुरक्षित नहीं है, तो इस मामले में जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

डीपफेक और एल्गोरिदम पर भी चर्चा

बैठक के दौरान समिति ने Meta से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े संभावित डीपफेक वीडियो की पहचान करने की तकनीकी क्षमता और कंपनी के एल्गोरिदम में संभावित पक्षपात (Algorithmic Bias) को लेकर भी विस्तृत जानकारी मांगी।

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