नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने नई दिल्ली में चल रहे CJP (काकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बिना किसी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए आंदोलन के राजनीतिकरण पर सवाल उठाए और सरकार व आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि NEET सहित विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों से छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब सड़क से लेकर संसद तक पहुंच गया है और इसके राजनीतिकरण से सरकार के साथ सीधा टकराव पैदा हो गया है।
राजनीतिकरण पर जताई चिंता
बसपा प्रमुख ने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण होने से केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों में भी आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र हित से जुड़े मुद्दों का समाधान टकराव के बजाय संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।
भ्रष्टाचार को बताया मूल कारण
मायावती ने कहा कि चाहे अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ा कथित मामला हो या फिर विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप, ये सभी घटनाएं भ्रष्टाचार के पनपने का परिणाम हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि संवैधानिक नैतिकता से जुड़ा विषय भी है। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने सुशासन (Good Governance) के लिए संवैधानिक नैतिकता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया था।
सरकार और अदालत से की पहल की अपील
मायावती ने कहा कि देश और जनहित से जुड़े मौजूदा हालात के समाधान के लिए सरकार और न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे स्थिति सामान्य करने में मदद मिलेगी।
शांतिपूर्ण समाधान पर दिया जोर
अपने बयान के अंत में मायावती ने कहा कि CJP के आंदोलन का विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा अपने-अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार और आंदोलनकारियों से जल्द से जल्द शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने की अपील की।
