नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में उपस्थित होकर बयान देने और चर्चा में शामिल होने की मांग की।
इस बीच, कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया और कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने राम मंदिर ट्रस्ट, अनुच्छेद 370 और कथित पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है। उन्होंने कहा, “हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आएं, बयान दें और चर्चा हो। अगर चर्चा होगी तभी समाधान निकलेगा। अगर चर्चा नहीं होगी तो वे घर बैठकर बयान देंगे या चुप रहेंगे, यह कैसे हो सकता है? संसद का अपमान हो रहा है। संसद शुरू हुए इतने दिन हो गए, लेकिन वे सदन में नहीं आ रहे हैं। हम चर्चा के लिए तैयार हैं, फिर सरकार क्यों नहीं आ रही?”
खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर भी निशाना साधते हुए कहा, “आप जैसे लोग वही सुनेंगे जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह कहेंगे। क्या आपमें कोई स्वतंत्र फैसला लेने की भी हिम्मत है?”
