पंजाब में ED के कथित पत्र पर सियासी घमासान, AAP और SAD आमने-सामने

पंजाब में ED के कथित पत्र पर सियासी घमासान, AAP और SAD आमने-सामने

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चंडीगढ़: पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक कथित पत्र को लेकर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच सियासी संग्राम छिड़ गया है। SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया है कि ED ने पंजाब के DGP गौरव यादव को एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। इस व्यक्ति को कथित तौर पर AAP नेताओं का करीबी माना जाता है।

मजीठिया के मुताबिक, यह पत्र चंडीगढ़ की एक हाउसिंग सोसाइटी और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत चल रही जांच से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि ED ने 7 से 10 मई के बीच कई जगहों पर तलाशी ली, जिसमें करीब 21 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।

तबादले-पोस्टिंग और भ्रष्टाचार के आरोप

PTI के मुताबिक, मजीठिया ने आरोप लगाया कि ED ने पंजाब DGP को पत्र लिखकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। उन्होंने दावा किया कि उस व्यक्ति पर सरकारी अधिकारियों के तबादले और पोस्टिंग, हथियारों के लाइसेंस की मंजूरी और जमीन से जुड़े विवादों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।

मजीठिया ने यह भी दावा किया कि तलाशी के दौरान जब्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मिली जानकारी, जिसमें WhatsApp चैट भी शामिल हैं, से सरकारी अधिकारियों के तबादले और पोस्टिंग को प्रभावित करने की कथित कोशिशों का पता चला है।

AAP ने SAD पर साधा निशाना

इन आरोपों पर AAP ने SAD को घेरते हुए कहा कि अकाली दल ED के DGP को भेजे गए कथित पत्र का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिए कर रहा है।

पंजाब के वित्त मंत्री और AAP नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि SAD ने अपने सिद्धांतों को छोड़ दिया है और अब BJP तथा केंद्रीय जांच एजेंसियों के प्रवक्ता के तौर पर काम कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि ED की ओर से DGP को भेजे गए एक संदेश को अकाली दल AAP के खिलाफ राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल क्यों कर रहा है।

चीमा का केंद्र सरकार पर भी हमला

हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ED, CBI और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने, स्थानीय प्रशासन पर दबाव बनाने और चुनी हुई राज्य सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है।

चीमा ने कहा कि BJP को लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान में भरोसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने या किसी विपक्षी सरकार के मजबूत होने पर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए किया जाता है।

चीमा ने SAD पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब की जनता अकाली दल की कथित मौकापरस्त राजनीति और BJP के साथ उसके पुराने गठबंधन से परिचित है।

फिलहाल, ED के कथित पत्र और उसमें लगाए गए आरोपों को लेकर पंजाब की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मामले में सामने आए आरोपों की जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होगी।

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