नई दिल्ली: महीने के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स 77,998 के स्तर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 78,069 तक पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 44 अंकों की बढ़त के साथ 24,361 के स्तर पर कारोबार शुरू करने में सफल रहा।
बाजार की तेजी के पीछे सकारात्मक वैश्विक संकेत और अमेरिकी बाजारों में आई मजबूती को प्रमुख वजह माना जा रहा है। इसके अलावा, आज कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।
इन कंपनियों के नतीजों पर रहेगी नजर
आज जिन प्रमुख कंपनियों के तिमाही परिणाम आने हैं, उनमें शामिल हैं:
- Bajaj Finserv
- Sun Pharma
- Star Cement
- Indian Oil Corporation (IOC)
- GAIL
- ABB India
- Aditya Birla Capital
- Urban Company
- Raymond Lifestyle
इन कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
एशियाई बाजारों में शानदार तेजी
एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सूचकांक सबसे अधिक चर्चा में रहा, जहां चिप निर्माता कंपनियों SK Hynix और Samsung Electronics के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई।
वहीं, जापान का निक्केई 225 0.64% और टॉपिक्स इंडेक्स 1.94% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
अमेरिकी बाजारों से मिला मजबूत संकेत
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। Microsoft के Azure क्लाउड कारोबार में मजबूत वृद्धि और Amazon के AI इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को लेकर सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
इसके अलावा, AMD और Nvidia के शेयरों में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।
बाजार बंद होने तक:
- Nasdaq Composite 2.8% की बढ़त के साथ 25,122.18 पर बंद हुआ।
- Dow Jones Industrial Average 613.92 अंक चढ़कर 52,208.06 पर पहुंचा।
- S&P 500 1.7% की मजबूती के साथ 7,437.63 पर बंद हुआ।
अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स भी शुक्रवार सुबह बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार दूसरे दिन कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली।
- ब्रेंट क्रूड करीब 1.2% की गिरावट के साथ 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
- WTI क्रूड 1.15% की कमजोरी के साथ 82.63 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल आपूर्ति सामान्य रहने के कारण सप्लाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
