नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने संसद परिसर में बंदर लेकर प्रदर्शन किया। उनके इस प्रदर्शन को लेकर अब कांग्रेस के भीतर से ही प्रतिक्रिया सामने आई है। बिहार के कटिहार से कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने पवन खेड़ा के प्रदर्शन से असहमति जताई है।
तारिक अनवर ने कहा कि वह इस तरह के प्रदर्शन से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैं इससे सहमत नहीं हूं। मेरा मानना है कि राजनीति में गरिमा बनाए रखनी चाहिए।”
NEET मुद्दे पर अमित शाह से जवाब की उम्मीद
तारिक अनवर ने संसद में NEET के मुद्दे को लेकर भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने करीब 20 दिनों तक अमित शाह और प्रधानमंत्री का इंतजार किया।
कांग्रेस सांसद के मुताबिक, विपक्ष को उम्मीद थी कि अमित शाह NEET के मुद्दे पर होने वाली बहस में शामिल होंगे और सरकार की ओर से अपनी बात रखेंगे। हालांकि, उनके अनुसार ऐसा नहीं हुआ।
‘संसद से बड़ा कोई मंच नहीं’
तारिक अनवर ने कहा कि अमित शाह संसद परिसर में मौजूद होने के बावजूद सदन में नहीं आए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोकतंत्र में लोकसभा और राज्यसभा से बड़ा कोई मंच नहीं है, तो मंत्रियों द्वारा बार-बार सदन की अनदेखी किए जाने का क्या असर होगा।
उन्होंने कहा कि विपक्ष महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से जवाब चाहता है और संसद ही वह मंच है जहां सरकार और विपक्ष के बीच लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा होनी चाहिए।
पवन खेड़ा का प्रदर्शन बना चर्चा का विषय
दरअसल, मॉनसून सत्र के आखिरी दिन पवन खेड़ा ने संसद परिसर में बंदर लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सरकार और विपक्ष के बीच चल रहे राजनीतिक गतिरोध के बीच किया गया।
हालांकि, इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस के अंदर से भी सवाल उठे हैं। तारिक अनवर की प्रतिक्रिया से साफ है कि पार्टी के कुछ नेताओं को लगता है कि विरोध प्रदर्शन में भी राजनीतिक मर्यादा और गरिमा बनाए रखना जरूरी है।
