नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शुक्रवार को सदन में जमकर हंगामा देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (BJP)और आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई। बढ़ते हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दोनों पक्षों के सदस्यों से संयम बनाए रखने की अपील की।
सदन में आमने-सामने आए विधायक
कार्यवाही के दौरान AAP विधायक कुलदीप कुमार और BJP विधायक रवि नेगी अपनी-अपनी सीटों से उठकर एक-दूसरे से तीखी बहस करने लगे। इसके चलते सदन का माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।
आतिशी की गैरमौजूदगी पर BJP का हमला
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सदन में मौजूद रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी सदन में नहीं हैं और विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है।
कपिल मिश्रा के बयान पर AAP विधायक संजीव झा ने विरोध जताया और सत्ता पक्ष के आरोपों का जवाब दिया।
वहीं, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने भी आतिशी की गैरमौजूदगी को मुद्दा बनाते हुए कहा कि पहले विपक्ष महिलाओं को ₹2,500 की सहायता राशि को लेकर सवाल उठाता था, लेकिन अब सरकार राशि दे रही है तो विपक्ष को आपत्ति हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में विधानसभा में प्रश्नकाल भी नियमित रूप से नहीं चलाया गया।
ताहिर हुसैन मामले पर चर्चा की मांग
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सदन में मांग उठाई कि पूर्व AAP नेता ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगों और आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा मिलने के मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा कराई जानी चाहिए।
सत्र के पहले दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी के चलते सदन का माहौल गरमाया रहा।
