7.8% GDP Growth पर Sam Pitroda का तंज, क्या फायदा सिर्फ अरबपतियों को मिल रहा?

7.8% GDP Growth पर Sam Pitroda का तंज, क्या फायदा सिर्फ अरबपतियों को मिल रहा?

नई दिल्ली: भारत की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8 प्रतिशत दर्ज होने के बाद इस पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने GDP में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है तो इसका फायदा आम लोगों तक कितना पहुंच रहा है?

‘ये कैसी ग्रोथ है, जिसमें रुपया गिर रहा है?’

सैम पित्रोदा ने मंगलवार (1 सितंबर) को भारत की आर्थिक विकास दर पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की GDP भले ही 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी हो, लेकिन रुपये की लगातार गिरती कीमत भी चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा, “आज रुपया लगभग 100 के करीब है और मेरे लिए यह एक संकेत है। दूसरी बात, यह किस तरह की ग्रोथ है? क्या यह ग्रोथ बहुत कम लोगों के लिए है या भारत के लोगों के लिए है ही नहीं?”

पित्रोदा ने सवाल किया कि क्या भारत की आर्थिक वृद्धि समान रूप से सभी लोगों को फायदा पहुंचा रही है या इसका लाभ समाज के चुनिंदा वर्ग तक ही सीमित है।

‘क्या हमने कुछ और अरबपति बना दिए?’

कांग्रेस नेता ने कहा कि GDP में बढ़ोतरी के साथ यह देखना भी जरूरी है कि आम लोगों की जिंदगी में कितना सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा, “क्या यह बराबरी वाली ग्रोथ है? क्या इसका फायदा आम लोगों तक पहुंच रहा है, या हमने कुछ और अरबपति बना दिए हैं? मेरे लिए, यह बहुत अहम बात है।”

पित्रोदा के मुताबिक, सिर्फ GDP के आंकड़े देखकर आर्थिक विकास की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती। सरकार को यह भी देखना चाहिए कि आर्थिक वृद्धि का फायदा समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंच रहा है या नहीं।

पेट्रोल, गैस और खाने की महंगाई का उठाया मुद्दा

सैम पित्रोदा ने आम आदमी की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए महंगाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अगर GDP बढ़ने से कुछ लोगों की संपत्ति में बड़ी वृद्धि हुई है, तो आम आदमी से पूछना चाहिए कि उसकी जिंदगी पर इसका क्या असर पड़ा है।

उन्होंने कहा कि आम व्यक्ति पेट्रोल, गैस, खाने-पीने की चीजों और किराये की बढ़ती कीमतों से परेशान है और कई लोगों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।

पित्रोदा ने सवाल किया, “क्या हम ऐसी ही तरक्की चाहते हैं?”

‘सिर्फ आंकड़ों से विकास की तस्वीर पूरी नहीं होती’

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को यह स्वीकार करना चाहिए कि GDP की ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रही है, लेकिन इसका फायदा बड़ी संख्या में लोगों तक शायद नहीं पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि किसी भी आंकड़े को अलग-अलग तरीके से पेश किया जा सकता है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि किस पहलू पर बात की जा रही है। उनके मुताबिक, सरकार को आर्थिक विकास के आंकड़ों के साथ उसकी वास्तविक स्थिति का भी सामना करना चाहिए।

GDP ग्रोथ पर विपक्ष के निशाने पर सरकार

भारत की GDP में पहली तिमाही के दौरान 7.8 प्रतिशत की वृद्धि के बाद विपक्षी दलों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां सरकार आर्थिक विकास दर को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती के तौर पर पेश कर रही है, वहीं विपक्ष GDP ग्रोथ के साथ महंगाई, रुपये की कीमत और आम लोगों की आर्थिक स्थिति को जोड़कर सवाल उठा रहा है।

सैम पित्रोदा का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने GDP के आंकड़े के साथ यह सवाल उठाया है कि आर्थिक विकास का वास्तविक लाभ देश की आम आबादी तक कितना पहुंच रहा है।

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