लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की व्हीकल स्क्रैपेज नीति के तहत 30 जून 2026 तक राज्य में 1.95 लाख से अधिक पुराने वाहनों को वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैप किया जा चुका है। इनमें करीब 1.85 लाख निजी वाहन और 10 हजार से अधिक सरकारी वाहन शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, प्रदूषण को कम करना और आधुनिक एवं सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। पुराने और अनुपयोगी वाहनों को हटाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सड़क हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है।
राज्य में व्हीकल स्क्रैपेज नीति को प्रभावी बनाने के लिए अब तक 101 रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 50 सेंटर पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं, जहां पुराने वाहनों का पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारण किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इस नीति का दायरा और बढ़ाया जाएगा, ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
