नई दिल्ली: पेपर लीक विरोधी विधेयक लोकसभा से पारित होने के बाद संसद में छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस मामले में केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाहसे जवाब मांगा।
कपिल सिब्बल ने कहा कि यदि किसी स्थान पर पेलेट गन या इसी प्रकार की कार्रवाई की गई है, तो इसके लिए किसी न किसी स्तर पर प्रशासनिक अनुमति अवश्य दी गई होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह कहा जा रहा है कि इसकी अनुमति किसी एसडीएम (SDM) ने दी थी, तो क्या गृह मंत्री ने कभी सार्वजनिक रूप से कहा कि एसडीएम का फैसला गलत था?
सिब्बल ने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि किसी अधिकारी ने गलत निर्णय लिया, तो उसे स्पष्ट रूप से सामने आकर अपनी स्थिति बतानी चाहिए थी। उनके अनुसार, गृह मंत्री की चुप्पी से यह संदेश जाता है कि जो कार्रवाई हुई, वह सरकार की जानकारी और सहमति से हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी की ओर से पेलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया गया था, लेकिन बाद में जब इसके इस्तेमाल की बात सामने आई, तो सरकार को इसे स्वीकार करना पड़ा। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है।
जवाबदेही तय करने की मांग
कपिल सिब्बल ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक कार्रवाई का मामला नहीं है, बल्कि छात्रों और आम नागरिकों के अधिकारों से भी जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब दिया जाए और बताया जाए कि कार्रवाई की अनुमति किस स्तर पर दी गई तथा इसकी जवाबदेही किसकी है।
