नई दिल्ली: भारतीय रेलवे अब Vande Bharat की तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ यात्री ट्रेनों तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि माल ढुलाई को भी तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में 16 कोच वाले प्रोटोटाइप का राजस्थान में हाई-स्पीड ट्रायल किया गया।
इस ट्रेन का परीक्षण कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर पर किया गया। ट्रायल के दौरान ट्रेन ने 145 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार हासिल की। इससे रेलवे को तेज गति से माल की डिलीवरी के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाओं का आकलन करने में मदद मिलेगी।
रेलवे करीब एक महीने तक इस ट्रेन को अलग-अलग परिस्थितियों में परखेगा। ट्रायल के दौरान खाली और पूरी तरह लोडेड ट्रेन की स्पीड, ब्रेकिंग सिस्टम, मोड़ों पर प्रदर्शन, ट्रैक्शन, ऊर्जा बचत, सुरक्षा प्रणाली, सिग्नलिंग और डोर लॉकिंग जैसे तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी।
हर दिन कम से कम दो राउंड ट्रायल किए जाने की योजना है, ताकि ट्रेन की क्षमता और प्रदर्शन का विस्तृत आकलन किया जा सके।
