इस्लामाबाद: पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि मौजूदा सिस्टम पूरी तरह विफल हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते शासन व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो पाकिस्तान को बड़े जनआंदोलनों और राजनीतिक अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तान की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है। उन्होंने कहा, “चाहे कोई माने या न माने, देश का सिस्टम पूरी तरह ढह चुका है। केवल चर्चा करने से हालात नहीं बदलेंगे, सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।”
लोकतंत्र के साथ मजबूत प्रशासन भी जरूरी
गृह मंत्री ने कहा कि वह लोकतंत्र के समर्थक हैं, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए मजबूत प्रशासन और जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है। उनके अनुसार, यदि वर्तमान व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में भी देश को उन्हीं समस्याओं का सामना करना पड़ेगा जिनसे वह आज जूझ रहा है।
युवाओं के बढ़ते असंतोष पर जताई चिंता
मोहसिन नकवी ने युवाओं की बढ़ती नाराजगी को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार, पारदर्शिता, बेहतर शासन और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर अधिक जागरूक और सक्रिय हो रहा है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया के कई देशों में युवाओं की भागीदारी सामाजिक और राजनीतिक बदलाव का प्रमुख कारण बन रही है। ऐसे में उनकी अपेक्षाओं की अनदेखी करना किसी भी देश के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
चुनाव के बाद जनता की उम्मीदें पूरी नहीं होतीं
नकवी ने राजनीतिक नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर संसाधन खर्च किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद आम जनता को आर्थिक स्थिरता और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में अपेक्षित सफलता नहीं मिलती। इससे लोगों, विशेषकर युवाओं में असंतोष बढ़ता है और राजनीतिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है।
सुधार के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत
गृह मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान इस समय आर्थिक चुनौतियों, राजनीतिक तनाव और प्रशासनिक सुधारों की मांगों का सामना कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए राजनीतिक नेतृत्व, प्रशासन और समाज के सभी वर्गों को मिलकर शासन व्यवस्था में सुधार के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे।
