मेकेदातु बांध विवाद: DMK ने विजय सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल

मेकेदातु बांध विवाद: DMK ने विजय सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल

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चेन्नई: कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर तमिलनाडु की राजनीति फिर गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री थलापति विजय पर इस मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया है। पार्टी ने राज्य के जल अधिकारों की रक्षा के लिए 3 अगस्त को तंजावुर में बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

तंजावुर में होगा विरोध प्रदर्शन

DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने कहा कि पार्टी 3 अगस्त सुबह 10 बजे तंजावुर में विशाल प्रदर्शन करेगी। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शन का नेतृत्व विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन करेंगे। प्रदर्शन में किसानों की विभिन्न मांगों के साथ कावेरी नदी के पानी में तमिलनाडु की उचित हिस्सेदारी का मुद्दा भी उठाया जाएगा।

सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग

DMK ने राज्य सरकार से मेकेदातु बांध और कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यह तमिलनाडु के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री विजय की चुप्पी पर सवाल

एम.के. स्टालिन ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार मेकेदातु परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन तमिलनाडु सरकार की ओर से इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने केंद्र सरकार से परियोजना के लिए वित्तीय सहायता और मंजूरी की मांग की है। वहीं, केंद्र सरकार के एक बयान का हवाला देते हुए स्टालिन ने कहा कि मेकेदातु बांध को लेकर तमिलनाडु की सहमति आवश्यक नहीं होने की बात कही गई है।

स्टालिन ने सवाल उठाया कि इन घटनाक्रमों के बावजूद मुख्यमंत्री विजय ने अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी।

VCK ने भी की सर्वदलीय बैठक की मांग

तमिलनाडु की सहयोगी पार्टी विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने भी सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग का समर्थन किया है।

VCK प्रमुख थोल. थिरुमावलवन ने कहा कि यदि कर्नाटक सरकार कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के बावजूद पानी छोड़ने से इनकार करती है, तो इसका असर तमिलनाडु के डेल्टा क्षेत्र की कृषि पर पड़ सकता है।

क्या है मेकेदातु बांध विवाद?

मेकेदातु बांध परियोजना कर्नाटक द्वारा कावेरी नदी पर प्रस्तावित एक बहुउद्देश्यीय परियोजना है। तमिलनाडु लंबे समय से इसका विरोध करता रहा है। राज्य का कहना है कि इस परियोजना से कावेरी नदी के जल प्रवाह पर असर पड़ सकता है और सिंचाई व पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। वहीं, कर्नाटक का कहना है कि यह परियोजना पेयजल और बिजली उत्पादन की जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।

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