नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तस्वीर पोस्ट की और इस मुलाकात को बेहद खास बताया।
राघव चड्ढा ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी काफी विस्तार से बातचीत हुई। उन्होंने इस मुलाकात को अपने लिए ज्ञान और अनुभव हासिल करने का अवसर बताया। चड्ढा ने प्रधानमंत्री की ओर से समय देने और बातचीत के दौरान मिले मार्गदर्शन के लिए उनका आभार भी जताया।
राघव चड्ढा ने पोस्ट में क्या कहा?
राघव चड्ढा ने X पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि यह ऐसी सुबह है, जिसे वह हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने को अपने लिए विशेष अवसर बताया।
चड्ढा के मुताबिक, पीएम मोदी के साथ उनकी समृद्ध और विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री के विचारों और मार्गदर्शन से सीखने का मौका मिलने पर धन्यवाद भी व्यक्त किया।
7 अगस्त को सांसदों के साथ PM मोदी की बैठक
इससे पहले 7 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग राजनीतिक दलों के करीब 45 सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात की थी। इस बैठक में शिवसेना के सात सांसद, एनसीपीआई के 20 सांसद और अजित पवार गुट की एनसीपी के दो सांसदों सहित उपेंद्र कुशवाहा और अन्य सांसद शामिल हुए थे।
बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्रों के विकास, जनता के साथ संपर्क और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर बातचीत की। उन्होंने सांसदों को अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए उपलब्ध संसाधनों और अधिकारों का प्रभावी इस्तेमाल करने की सलाह दी।
विकास योजनाओं के लिए PMO से संपर्क करने की बात
प्रधानमंत्री ने सांसदों को बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र से संबंधित किसी भी विकास योजना के लिए वे सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क कर सकते हैं।
इस दौरान पीएम मोदी ने सांसदों से व्यक्तिगत रूप से भी बातचीत की और उनका हालचाल जाना। धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर से उन्होंने उनके योगाभ्यास को लेकर भी जानकारी ली।
सभी सांसदों से समान व्यवहार पर PM मोदी का जोर
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद सांसदों के पास गए और उनसे बातचीत की। उन्होंने इस दौरान सभी सांसदों के साथ समान व्यवहार का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सदन में किसी राजनीतिक दल के सांसदों की संख्या के आधार पर उनके साथ प्राथमिकता या भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने संसदीय क्षेत्रों की जनता के प्रति जिम्मेदारी को सबसे ऊपर रखने की बात कही।
