स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई। धमकी ईमेल के जरिए भेजे जाने की बात सामने आई है। ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हाई कोर्ट परिसर की जांच शुरू कर दी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी भरा ईमेल करीब 11 बजकर 43 मिनट पर दिल्ली हाई कोर्ट को मिला। ईमेल में कथित तौर पर लाल किले का भी जिक्र किया गया था। इसमें खाकी कपड़े पहने हमलावरों का संदर्भ होने की बात भी सामने आई है। चूंकि यह धमकी स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले मिली, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लिया और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जांच शुरू की।
दिल्ली हाई कोर्ट देश की सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक संस्थाओं में से एक है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में न्यायाधीश, वकील, कर्मचारी और आम लोग पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की बम धमकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन जाती है। धमकी मिलने के बाद परिसर में संदिग्ध वस्तुओं की तलाश और सुरक्षा जांच शुरू की गई।
इस घटना की सबसे बड़ी वजह इसका समय माना जा रहा है। 15 अगस्त को देश स्वतंत्रता दिवस मनाता है और दिल्ली में इस अवसर पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। लाल किला इस पूरे आयोजन का प्रमुख केंद्र होता है, जहां प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं। इसलिए स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी जाती है।
लाल किले के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी रहती है। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों, बाजारों और एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी अतिरिक्त निगरानी रखी जाती है।
दिल्ली हाई कोर्ट को धमकी मिलने के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ईमेल किसने भेजा और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। किसी भी धमकी को तुरंत वास्तविक हमला मान लेना सही नहीं होता, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां ऐसी सूचना को नजरअंदाज भी नहीं कर सकतीं। इसलिए पहले पूरी जांच की जाती है और उसके बाद खतरे की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाता है।
दिल्ली में इससे पहले भी कई बार बम धमकी के मामले सामने आ चुके हैं। सितंबर 2025 में भी दिल्ली हाई कोर्ट को बम धमकी वाला ईमेल मिला था। इसके बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और बम निरोधक दस्तों ने तलाशी अभियान चलाया था। बाद में वह धमकी फर्जी साबित हुई थी।
ऐसी घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के सामने दोहरी चुनौती पैदा करती हैं। एक तरफ उन्हें तुरंत लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होती है, वहीं दूसरी तरफ धमकी भेजने वाले की पहचान और उसके उद्देश्य का पता लगाना होता है।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दिल्ली में पहले से ही सुरक्षा का स्तर काफी ऊंचा है। ऐसे में हाई कोर्ट को मिली धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
फिलहाल जांच एजेंसियां ईमेल की सत्यता और उसके स्रोत की जांच कर रही हैं। लोगों से भी अपील की जाती है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर या अफवाह को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
स्वतंत्रता दिवस से पहले इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय समारोहों के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कितनी संवेदनशील और महत्वपूर्ण होती है।
