नई दिल्ली: बारिश का मौसम आते ही घर में नमी बढ़ने लगती है। इसका सीधा असर फर्श पर भी दिखाई देता है। नमी, धूल और गंदगी के कारण फर्श कई बार चिपचिपा और चिकना महसूस होने लगता है। सामान्य पोछा लगाने के बाद भी अगर फर्श की चिकनाहट दूर नहीं हो रही है, तो सफाई का तरीका बदलने की जरूरत हो सकती है।
कुछ आसान उपायों की मदद से बारिश के मौसम में फर्श को साफ और सूखा रखा जा सकता है।
सबसे पहले सूखी गंदगी हटाएं
चिपचिपे फर्श की सफाई करने से पहले उस पर जमा धूल, मिट्टी और छोटे कणों को अच्छी तरह साफ करें। इसके लिए झाड़ू या वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर फर्श पर पहले से पानी जमा है तो उसे सूखे कपड़े या मॉप की मदद से हटा दें। धूल और पानी आपस में मिलकर फर्श पर गंदगी की परत बना सकते हैं। इसलिए सफाई की शुरुआत सूखी गंदगी हटाने से करना बेहतर है।
गुनगुने पानी से करें पोछा
फर्श की चिपचिपाहट दूर करने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। एक बाल्टी गुनगुने पानी में फर्श के लिए इस्तेमाल होने वाला माइल्ड क्लीनर मिलाएं।
इसके बाद मॉप को अच्छी तरह निचोड़कर फर्श पर लगाएं। ध्यान रखें कि बारिश के मौसम में फर्श पर बहुत ज्यादा पानी न डालें। नमी के कारण फर्श देर से सूख सकता है और समस्या बढ़ सकती है।
ज्यादा चिकनाहट वाली जगह पर आजमाएं यह उपाय
अगर फर्श के किसी हिस्से पर गंदगी या चिकनाहट ज्यादा जमा हो गई है, तो बेकिंग सोडा का हल्का घोल इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, किसी भी घरेलू मिश्रण को पूरे फर्श पर इस्तेमाल करने से पहले उसे छोटे और कम दिखाई देने वाले हिस्से पर टेस्ट कर लेना बेहतर है। अलग-अलग तरह के फर्श के लिए अलग सफाई उत्पाद उपयुक्त हो सकते हैं, इसलिए फर्श की सतह के अनुसार क्लीनर चुनें और उत्पाद पर दिए निर्देशों का पालन करें।
कमरे में वेंटिलेशन रखें
बारिश में कमरे को पूरी तरह बंद रखने से अंदर नमी बढ़ सकती है। इसलिए मौसम और परिस्थितियों के अनुसार कमरे में हवा का आवागमन बनाए रखना जरूरी है।
पंखे का इस्तेमाल भी कमरे और फर्श की नमी कम करने में मदद कर सकता है। सफाई के बाद फर्श को अच्छी तरह सूखने दें।
सिर्फ सफाई नहीं, नमी की वजह भी समझें
अगर घर में लगातार सीलन, फर्श पर पानी जमा होने या फफूंद की समस्या बनी रहती है, तो केवल बार-बार सफाई करना पर्याप्त नहीं होगा।
ऐसी स्थिति में नमी के स्रोत का पता लगाना जरूरी है। पानी का रिसाव, खराब वेंटिलेशन या अन्य कारणों को ठीक करने से समस्या को लंबे समय तक नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
