अमिताभ बच्चन ने ‘कांटे’ में क्यों नहीं दी गाली? संजय गुप्ता ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

अमिताभ बच्चन ने ‘कांटे’ में क्यों नहीं दी गाली? संजय गुप्ता ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

मुंबई: बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने अपने लंबे फिल्मी करियर में पुलिसवाले से लेकर गैंगस्टर तक कई दमदार किरदार निभाए हैं। पर्दे पर उनके किरदारों ने जमकर मारधाड़ की और उनके संवादों ने दर्शकों के बीच खूब लोकप्रियता हासिल की। हालांकि, अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में एक बात का खास ध्यान रखा—उन्होंने स्क्रीन पर कभी गाली नहीं दी

फिल्म ‘कांटे’ में भी उन्होंने अपने इस नियम को बरकरार रखा था। फिल्म के निर्देशक संजय गुप्ता ने हाल ही में एक पुराने किस्से का जिक्र करते हुए बताया कि अमिताभ ने फिल्म साइन करने से पहले ही अपने किरदार को लेकर यह शर्त रख दी थी।

अमिताभ ने रखी थी साफ शर्त

जब वह ‘कांटे’ की कहानी लेकर अमिताभ बच्चन के पास पहुंचे थे, तो वह काफी नर्वस थे। कहानी सुनाने से पहले ही उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया था कि अमिताभ के किरदार के मुंह से कोई गाली नहीं निकलनी चाहिए।

अमिताभ का कहना था कि उन्होंने अपने पूरे करियर में कभी पर्दे पर गाली नहीं दी है और वह ‘कांटे’ से इसकी शुरुआत भी नहीं करना चाहते। संजय गुप्ता ने उनकी इस शर्त को स्वीकार कर लिया।

बाकी किरदारों के संवाद में थीं गालियां

‘कांटे’ की कहानी अपराध की दुनिया से जुड़े कुछ किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म का माहौल ऐसा था, जहां किरदारों की बातचीत में गालियों का इस्तेमाल कहानी के हिसाब से स्वाभाविक माना गया था।

इसके बावजूद अमिताभ के किरदार के संवादों को अलग तरीके से तैयार किया गया। उनके डायलॉग इस तरह लिखे गए कि किरदार का रौब, सख्ती और एटीट्यूड बरकरार रहे, लेकिन उन्हें गाली देने की जरूरत न पड़े।

संजय गुप्ता के मुताबिक, स्क्रिप्ट में मौजूद कुछ गालियों का बाद में इस्तेमाल नहीं किया गया। सेंसर प्रक्रिया के दौरान भी कुछ हिस्सों में संवादों में बदलाव किए गए थे।

कहानी सुनाते वक्त बेहद नर्वस थे संजय गुप्ता

अमिताभ बच्चन जैसे बड़े स्टार को अपनी फिल्म की कहानी सुनाना संजय गुप्ता के लिए आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब वह अमिताभ को कहानी सुनाने उनके घर पहुंचे, तो वह काफी घबराए हुए थे।

कहानी सुनने के बाद करीब 20 सेकेंड तक अमिताभ ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस खामोशी से संजय गुप्ता को लगा कि शायद उन्हें कहानी पसंद नहीं आई। हालांकि, बाद में अमिताभ ने उन्हें बताया कि उन्हें कहानी पसंद आई है।

संजय दत्त की वजह से ‘कांटे’ में आए अमिताभ

‘कांटे’ की कास्टिंग का किस्सा भी काफी दिलचस्प है। संजय गुप्ता ने शुरुआत में यह कहानी अपने दोस्त संजय दत्त को सुनाई थी। कहानी सुनकर संजय दत्त इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने खुद फिल्म में काम करने की इच्छा जताई।

इसके बाद संजय दत्त ने ही गुप्ता को अमिताभ बच्चन से संपर्क करने की सलाह दी। उन्होंने अमिताभ को फोन किया और संजय गुप्ता की उनसे मुलाकात का इंतजाम कराया। इसके बाद गुप्ता अमिताभ के घर पहुंचे और उन्हें ‘कांटे’ की कहानी सुनाई।

इस तरह फिल्म की कास्टिंग से लेकर अमिताभ बच्चन के संवादों तक, ‘कांटे’ से जुड़े कई दिलचस्प किस्से अब एक बार फिर चर्चा में हैं।

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