रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को गिराने का आदेश जारी किया है।
प्राधिकरण के अनुसार, जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी की अधिकांश इमारतों का स्वीकृत भवन नक्शा उपलब्ध नहीं है। दावा किया गया है कि केवल दो भवनों का नक्शा पास कराया गया था, जबकि बाकी 38 भवन बिना मंजूरी के बनाए गए।
कैसे शुरू हुई कार्रवाई?
बताया जा रहा है कि लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद फायर विभाग ने विभिन्न संस्थानों का ऑडिट शुरू किया। इसी दौरान जौहर यूनिवर्सिटी की जांच में भवनों से जुड़े दस्तावेजों की जांच हुई और कथित अनियमितताएं सामने आईं।
इसके बाद फायर विभाग की रिपोर्ट के आधार पर रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया। जवाब से असंतुष्ट होने के बाद 15 जुलाई को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया गया।
यूनिवर्सिटी के पास क्या विकल्प है?
आदेश के अनुसार, निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ सकता है। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास इस आदेश के खिलाफ अदालत का रुख करने का विकल्प भी मौजूद है।
