नई दिल्ली: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को लगातार राजनीतिक झटके लग रहे हैं। एक ओर जहां प्रशांत किशोर चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं। गुरुवार को प्रसिद्ध फिल्म निर्देशिका और व्यवसायी चेतना झांब ने जन सुराज का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली।
पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने चेतना झांब सहित जन सुराज के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इसके अलावा विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के भी कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थामा।
30 जुलाई को होने वाले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जन सुराज में नेताओं के लगातार इस्तीफों ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले केसी सिन्हा के पार्टी छोड़ने के बाद अब चेतना झांब का भाजपा में शामिल होना जन सुराज के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।
2025 में नहीं मिला था टिकट
चेतना झांब ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी थी। अब उपचुनाव से ठीक पहले उनका भाजपा में शामिल होना राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
बांकीपुर पर टिकी सियासी नजरें
30 जुलाई को होने वाले बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत से चुनावी मैदान में जुटे हैं। ऐसे में जन सुराज के नेताओं का लगातार भाजपा में शामिल होना चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है.
