पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। प्रशासन ने कथित अवैध निर्माण का हवाला देते हुए कार्रवाई की, जबकि TMC ने इसे राजनीतिक प्रताड़ना बताया है।
BJP नेता लॉकेट चटर्जी ने किया समर्थन
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश महासचिव लॉकेट चटर्जी ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। शनिवार (19 जुलाई 2026) को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों के दौरान राज्य में कई अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन अब कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जहां भी अवैध निर्माण या भ्रष्टाचार के मामले सामने आएंगे, वहां प्रशासन बिना किसी भेदभाव के नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
सुरक्षा के बीच चला अतिक्रमण विरोधी अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अमतला स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान डायमंड हार्बर पुलिस जिले के बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
चुनाव परिणाम के बाद से बंद था कार्यालय
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, चुनावी नतीजों के बाद से यह कार्यालय बंद पड़ा था। दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने कथित अवैध निर्माण को लेकर पहले नोटिस जारी किया था, लेकिन तय समय सीमा के भीतर कार्यालय की ओर से कोई प्रतिनिधि जिला परिषद के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासन ने नियमों के तहत आगे की कार्रवाई करते हुए परिसर खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की।
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने पूरे समय कानून-व्यवस्था बनाए रखी।
अभिषेक बनर्जी ने पहले लगाए थे गंभीर आरोप
इससे पहले 3 जुलाई को अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया था कि उनके कार्यालय और उनसे जुड़े करीब 25 लोगों को बिना उचित नोटिस पूछताछ के लिए बुलाया गया या हिरासत में लिया गया।
अभिषेक बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया था कि उनसे जुड़े लोगों पर उनके खिलाफ झूठे बयान देने का दबाव बनाया गया, साथ ही फोन टैपिंग, परिवार के सदस्यों को परेशान करने और महिलाओं को धमकाने जैसे आरोप भी लगाए थे।
TMC ने बताया राजनीतिक प्रताड़ना
अभिषेक बनर्जी ने प्रशासन की मौजूदा कार्रवाई को राजनीतिक प्रताड़ना बताया है। वहीं प्रशासन और BJP का कहना है कि अभियान पूरी तरह कानून और नियमों के तहत चलाया गया है तथा इसका उद्देश्य केवल अवैध निर्माण और अनियमितताओं पर कार्रवाई करना है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
