मुंबई: महाराष्ट्र के वसई स्थित जी.एस.एम. फॉइल्स लिमिटेड के भागीदार मोहनसिंह लक्ष्मणसिंह परमार की हत्या की कोशिश के मामले में वालीव पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, करीब ₹32 करोड़ के वित्तीय लेन-देन और कंपनी पर नियंत्रण हासिल करने के कथित उद्देश्य से इस हमले की साजिश रची गई थी। मामले में मुख्य आरोपी सागर गिरीश भानुशाली समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तारकिया गया है।
24 जुलाई को हुई थी फायरिंग
पुलिस के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को वसई (पूर्व) के डायमंड इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थित जी.एस.एम. फॉइल्स लिमिटेड के बाहर मोहनसिंह परमार पर पिस्तौल से गोली चलाकर हत्या का प्रयास किया गया था।
इस मामले में वालीव पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 497/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), शस्त्र अधिनियम और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
₹32 करोड़ के लेन-देन को लेकर रची गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि मोहनसिंह परमार और आरोपी सागर गिरीश भानुशाली कंपनी के भागीदार हैं।
जांच के अनुसार, सागर भानुशाली को शेयर बाजार में निवेश के दौरान भारी आर्थिक नुकसान हुआ, जिसके कारण वह कर्ज में डूब गया। पुलिस का दावा है कि इसी आर्थिक संकट के बीच मोहनसिंह परमार ने कंपनी में अपने हिस्से के शेयर बेचने पर सहमति दी और उन्हें लगभग ₹32 करोड़ का भुगतान किया गया।
पुलिस का आरोप है कि यदि परमार की हत्या हो जाती तो यह राशि लौटाने की जिम्मेदारी समाप्त हो जाती और कंपनी पर पूरा नियंत्रण हासिल करने का रास्ता साफ हो जाता।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?
जांच के मुताबिक, 24 जुलाई की शाम आरोपी सुजीत देवेंद्रभाई पांडे और अनूप वीरेंद्र प्रजापति मोटरसाइकिल से कंपनी के बाहर पहुंचे।
जैसे ही मोहनसिंह परमार कंपनी से बाहर निकले, सुजीत पांडे ने कथित तौर पर उन पर नजदीक से गोली चला दी। पुलिस के अनुसार, दूसरी गोली नहीं चलने पर उसने पिस्तौल की बट से भी हमला किया और फिर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
घायल मोहनसिंह परमार को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश से आरोपियों की गिरफ्तारी
वालीव पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, सीडीआर, आईपीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों का पीछा किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के उत्तर प्रदेश में छिपे होने की सूचना मिलने पर विशेष टीम वहां भेजी गई।
कार्रवाई के दौरान:
- मनोज मूलचंद ठठेरा (27) को आजमगढ़ जिले के देवगांव नगर से गिरफ्तार किया गया।
- सुजीत देवेंद्रभाई पांडे (38) को बलिया जिले के फरदाहा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले में अब तक मुख्य साजिशकर्ता सागर गिरीश भानुशाली समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की आगे की जांच जारी है।
