नई दिल्ली: जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अब भारतीय वनडे टीम में शामिल करने की मांग तेज हो गई है। भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज फारुख इंजीनियर ने चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकरसे अपील की है कि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए वैभव को जल्द वनडे टीम में मौका दिया जाए।
फारुख इंजीनियर का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से यह साबित कर दिया है कि उनमें बड़े मंच पर खेलने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को समय रहते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव देना भारतीय टीम के भविष्य के लिए फायदेमंद होगा।
जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन
वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 151 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतक लगाए और अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का पुरस्कार भी जीता। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग की सलाह
फारुख इंजीनियर का मानना है कि मौजूदा समय में भारत के लिए रोहित शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की ओपनिंग जोड़ी बेहद प्रभावी साबित हो सकती है। उनके अनुसार बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाज की जोड़ी विपक्षी गेंदबाजों के लिए चुनौती बन सकती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि विराट कोहली को नंबर-3 और शुभमन गिल को नंबर-4 पर बल्लेबाजी करनी चाहिए। इंजीनियर का कहना है कि वैभव नई गेंद का पूरा फायदा उठाने में सक्षम हैं और शुरुआती ओवरों में तेज रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दिला सकते हैं।
‘वनडे में भी मिलना चाहिए मौका’
पूर्व भारतीय क्रिकेटर का मानना है कि टी20 और वनडे क्रिकेट की बल्लेबाजी में बहुत अधिक अंतर नहीं है। यदि कोई खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और आत्मविश्वास से भरा हुआ है, तो उसे वनडे टीम में भी अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी अकेले अपने दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं और उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी भारतीय टीम को भविष्य में कई मुकाबले जिता सकती है।
‘ज्यादा तकनीकी बदलाव की जरूरत नहीं’
फारुख इंजीनियर ने वैभव की स्वाभाविक बल्लेबाजी शैली की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज पर जरूरत से ज्यादा तकनीकी बदलाव थोपने की बजाय उसकी प्राकृतिक खेल शैली को बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने वैभव की तुलना वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स की स्वाभाविक और आक्रामक बल्लेबाजी शैली से करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए, क्योंकि वे भविष्य में भारतीय क्रिकेट की बड़ी ताकत बन सकते हैं।
2027 वनडे विश्व कप पर नजर
2027 वनडे विश्व कप को देखते हुए भारतीय टीम में युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चयनकर्ता वैभव सूर्यवंशी को जल्द वनडे टीम में मौका देते हैं या उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ता है।
