भारत-कुवैत रक्षा संबंधों को मिली नई मजबूती, पहली बार हुई संयुक्त रक्षा समिति की बैठक

भारत-कुवैत रक्षा संबंधों को मिली नई मजबूती, पहली बार हुई संयुक्त रक्षा समिति की बैठक

नई दिल्ली: भारत और कुवैत ने रक्षा क्षेत्र में अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों के बीच शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को पहली भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति (Joint Defence Committee) की बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई।बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सैन्य परीक्षण, सैन्य अभ्यास, सैन्य चिकित्सा, स्टाफ डायलॉग, रक्षा उद्योग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

रक्षा सहयोग का दायरा बढ़ाने पर जोर

बैठक में भारत और कुवैत ने रक्षा संबंधों को केवल सैन्य संपर्क तक सीमित रखने के बजाय प्रशिक्षण, रक्षा तकनीक और रक्षा उद्योग तक सहयोग का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया। दोनों देशों के बीच संयुक्त सहयोग के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई।

नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से संयुक्त सचिव अभिताभ प्रसाद ने की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में तीनों सेनाओं के अधिकारी, रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल रहे।

वहीं, कुवैत की ओर से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिगेडियर जनरल राएद अलसकरान ने किया।

PM मोदी की 2024 की कुवैत यात्रा से जुड़ा है रक्षा सहयोगभारत और कुवैत के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर 2024 की कुवैत यात्रा को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग समझौते को लागू करने की दिशा में पहल हुई थी।

अब पहली संयुक्त रक्षा समिति की बैठक के आयोजन को दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

कुवैती प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दी श्रद्धांजलि

संयुक्त रक्षा समिति की बैठक से पहले कुवैती प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल राएद अलसकरान ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर भारतीय शहीदों को श्रद्धांजलि दी और पुष्प अर्पित किए।

इसके अलावा, कुवैती प्रतिनिधिमंडल ने बैठक से पहले डीपीएसयू भवन में भारतीय रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ संभावित सहयोग के क्षेत्रों पर भी चर्चा की।

भारत और कुवैत के बीच रक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने के साथ रक्षा तकनीक, प्रशिक्षण और उद्योग के क्षेत्र में साझेदारी के नए रास्ते खोल सकता है।

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