मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। कंगना ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह पर झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है। उन्होंने अभिनेता और सिंगर पीयूष मिश्रा के बयान का समर्थन करते हुए नसीरुद्दीन शाह पर तीखी टिप्पणी की।
NEET Protest को लेकर नसीरुद्दीन शाह ने साधा था निशाना
नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र प्रदर्शन का समर्थन किया था। इस दौरान उन्होंने सरकार की आलोचना की थी और उन फिल्मी सितारों पर भी सवाल उठाए थे, जिन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी थी।
नसीरुद्दीन शाह ने चुप रहने वाले सितारों की तुलना मुंह में हड्डी दबाए कुत्तों से की थी। अब झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर उनकी कथित चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह से पूछा सवाल
झारखंड के रांची में परीक्षा में कथित धांधली और शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर छात्र पिछले करीब दो सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं। पीयूष मिश्रा ने भी हाल ही में आंदोलन में शामिल होकर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई।
पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह के पुराने बयान का हवाला देते हुए उनसे सवाल किया कि अगर चुप रहने वाले लोगों को उन्होंने ‘मुंह में हड्डी दबाए कुत्ते’ कहा था, तो इस समय झारखंड के छात्र आंदोलन पर चुप रहने वाले लोग कौन हैं?
कंगना रनौत ने किया पीयूष मिश्रा के बयान का समर्थन
कंगना रनौत ने अपनी Instagram Story पर पीयूष मिश्रा के बयान को शेयर करते हुए उसका समर्थन किया। उन्होंने लिखा, “सच तो ये है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं जिस घर (देश) का खाती हूं, उसकी रखवाली करती हूं और उसके लिए लड़ती हूं। नसीर साहब खाते तो इस देश का हैं, लेकिन लड़ते पड़ोसी देश के लिए हैं।”
कंगना की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर दोनों अभिनेताओं को लेकर बहस तेज हो गई है।
झारखंड में छात्र आंदोलन जारी
रांची में छात्र JPSC और JSSC समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अन्य शिक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद अभी तक सभी प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है।
छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं। वहीं, सरकार की ओर से उनकी मांगों पर समाधान निकालने की बात कही जा रही है।
