नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में खुद को लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा बताने वाले एक व्यक्ति ने दावा किया है कि पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के भीतर 30 से अधिक आतंकियों की हत्या हुई है। वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया है कि इन घटनाओं के पीछे भारतीय एजेंटों का हाथ है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेटिव रिजवान हनीफ भाषण देता दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह दावा करता है कि पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के भीतर 30 से अधिक आतंकी मारे गए हैं और इसके लिए भारतीय एजेंटों को जिम्मेदार ठहराता है।
वीडियो में उसने कहा कि पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में संगठन से जुड़े लोगों की हत्या हुई है। उसने पेशावर, कराची, रावलपिंडी, मुजफ्फराबाद और रावलकोट जैसे शहरों का भी उल्लेख किया।
सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में ‘अननोन गनमैन’
पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में आतंकियों की हत्या की घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर ‘Unknown Gunman’ हैशटैग कई बार चर्चा में रहा है। वायरल वीडियो में कथित वक्ता ने भी इसका जिक्र करते हुए दावा किया कि संगठन से जुड़े कई लोगों को अलग-अलग शहरों में निशाना बनाया गया।
हालांकि, इन घटनाओं के पीछे किसका हाथ था, इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा तनाव
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। दोनों देशों के बीच सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दों पर बयानबाजी भी तेज हुई है।
लश्कर-ए-तैयबा क्या है?
लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की स्थापना 1980 के दशक के अंत में पाकिस्तान में हुई थी। संगठन की स्थापना हाफिज मोहम्मद सईद, जफर इकबाल और अब्दुल्ला आजम ने की थी। इसे शुरुआत में मरकज-उद-दावा-वल-इरशाद के सैन्य विंग के रूप में विकसित किया गया था।
समय के साथ यह संगठन जम्मू-कश्मीर सहित भारत में कई आतंकी हमलों के आरोपों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित किया गया। भारत समेत कई देश इसे आतंकी संगठन मानते हैं।
