नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया हिंदू-मुस्लिम बयान को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने भागवत के बयान की आलोचना की है, वहीं मुस्लिम समुदाय के नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग सामने आई हैं।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मोहन भागवत के बयान पर सवाल उठाते हुए RSS की विचारधारा और उसके पुराने बयानों का जिक्र किया। दूसरी ओर, इमाम उमर अहमद इलियासी ने भागवत के बयान की सराहना करते हुए कहा कि वह उनकी बात से सहमत हैं।
ओवैसी ने RSS पर साधा निशाना
असदुद्दीन ओवैसी ने मोहन भागवत के बयान को लेकर RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि संगठन की ओर से अलग-अलग मौकों पर अलग तरह के संदेश दिए जाते हैं।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि RSS ने अपने प्रमुख विचारकों और लेखकों के उन विचारों से कभी खुद को अलग नहीं किया, जिनमें मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों को लेकर टिप्पणियां की गई हैं।
उन्होंने कहा, “यह RSS की पुरानी चाल है: कुछ बातें दुनिया के लिए होती हैं और कुछ उसके अपने सदस्यों के लिए।”
‘RSS लोकतंत्र का विरोध करता है’- ओवैसी
AIMIM प्रमुख ने RSS पर लोकतंत्र को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि RSS लोकतंत्र का विरोध करता है और संगठन की ओर से लगातार तानाशाही की मांग की जाती रही है।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि RSS की विचारधारा में भारतीय मुसलमानों और ईसाइयों को ‘आंतरिक खतरे’ के तौर पर देखा गया है।
इमाम उमर अहमद इलियासी ने की भागवत की तारीफ
जहां ओवैसी ने मोहन भागवत के बयान पर सवाल उठाए, वहीं इमाम उमर अहमद इलियासी ने RSS प्रमुख की तारीफ की। उन्होंने भागवत के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वह उनकी बात से सहमत हैं।
इस तरह मोहन भागवत के बयान पर मुस्लिम नेताओं के बीच भी अलग-अलग राय सामने आई है। एक तरफ ओवैसी ने RSS की विचारधारा पर सवाल खड़े किए हैं, तो दूसरी तरफ इलियासी ने भागवत के बयान को सकारात्मक बताया है।
बयान को लेकर बढ़ी सियासी बहस
मोहन भागवत के हिंदू-मुस्लिम संबंधों से जुड़े बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों की आलोचना और मुस्लिम नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के बीच यह मुद्दा अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
आने वाले दिनों में भागवत के बयान और उस पर नेताओं की प्रतिक्रियाओं को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
