PM मोदी के वीडियो पर सियासत तेज, संजय सिंह बोले- ‘आपकी मां मां हैं, मेरी मां नहीं?’

PM मोदी के वीडियो पर सियासत तेज, संजय सिंह बोले- ‘आपकी मां मां हैं, मेरी मां नहीं?’

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा कि NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान उनके साथ-साथ उनकी दिवंगत मां के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।

प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने भी वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

संजय सिंह ने क्या कहा?

संजय सिंह ने कहा, “मोदी जी, आपकी मां को सिर झुकाकर नमन। लेकिन क्या आपकी मां ही मां हैं और मेरी मां मां नहीं हैं? आपने कहा कि विपक्ष वाले ‘मुजरा’ करें, तो क्या विपक्षी दलों में काम करने वाली महिलाएं किसी की मां, बहन और बेटी नहीं हैं?”

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मां के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसे उन्होंने गंभीर अपराध बताया।

‘एक दिन मेरा मोबाइल अपने पास रखिए’

संजय सिंह ने प्रधानमंत्री से कहा कि वे एक दिन उनका मोबाइल अपने पास रखें और देखें कि उन्हें किस तरह के कॉल और संदेश मिलते हैं।

उन्होंने दावा किया, “सुबह से शाम तक मुझे मां-बहन की गालियां दी जाती हैं। कोई धमकी देता है, कोई पेट्रोल डालकर जलाने की बात करता है। एक दिन मेरा फोन रखकर देखिए, आपको शर्म आएगी।”

‘देश की मानसिकता को दूषित किया’

AAP सांसद ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उन्हें बड़ी संख्या में अभद्र टिप्पणियों और गालियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री की पार्टी, नीतियों और विचारधारा से राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर अपमानजनक भाषा का समर्थन नहीं करते।

संजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि देश में नफरत और अभद्र भाषा का माहौल बढ़ा है और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया।

अन्य घटनाओं का भी किया जिक्र

अपने बयान में संजय सिंह ने दावा किया कि विभिन्न सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ भी सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने महात्मा गांधी, पूर्व विदेश सचिव की बेटी और भारत के मुख्य न्यायाधीश से जुड़े मामलों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

फिलहाल, इस पूरे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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