नई दिल्ली: सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 17 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि पर्याप्त जनसमर्थन नहीं मिलने के कारण वांगचुक का अनशन समाप्त कराने की स्थिति नहीं बन पा रही है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। उनके अनुसार, शरीर की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं और उन्हें काफी दर्द हो रहा है। उन्होंने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि सरकार बातचीत शुरू करे, तभी समाधान संभव है।
इस बीच CJP के प्रवक्ता विजेता दहिया का एक बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि अगर जंतर-मंतर पर हजारों लोग आंदोलन के समर्थन में पहुंचते और देशभर से मजबूत आवाज उठती, तो वांगचुक से अनशन समाप्त करने का अनुरोध करना आसान होता। लेकिन मौजूदा स्थिति में ऐसा करना आंदोलन के लिए “अपमानजनक निकास” जैसा होगा।
दहिया ने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करने और सोशल मीडिया के जरिए अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग 20 जुलाई के प्रस्तावित मार्च में शामिल हों और ऑनलाइन समर्थन भी दर्ज कराएं, ताकि सरकार तक आंदोलन की बात प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
वहीं, सोनम वांगचुक ने भी एक बातचीत में कहा कि लोग उनसे अनशन समाप्त करने की अपील करने के बजाय सरकार से संवाद शुरू करने की मांग करें। उनका कहना है कि यदि बिना किसी ठोस परिणाम के अनशन समाप्त किया गया, तो इससे भविष्य के जन आंदोलनों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
