नई दिल्ली: लोकसभा में सोमवार को सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों पर रोक लगाने के उद्देश्य से ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया गया। सदन ने विधेयक को पेश करने की अनुमति दे दी, लेकिन इस दौरान विपक्षी दलों के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हो गई। लगातार शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष से की सहयोग की अपील
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण विधेयक लेकर आई है। उन्होंने कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों से अपील की कि वे सदन में हंगामा करने के बजाय इस अहम विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लें और इसे पारित कराने में सहयोग करें।
रिजिजू ने कहा कि सरकार चाहती है कि इस कानून पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हो ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके।
‘प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के बयान की मांग मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश’
विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के बयान की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि यह मूल मुद्दे से ध्यान हटाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता फिलहाल इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा कराना और इसे सदन से पारित कराना है।
चर्चा से बचने वाले सांसदों पर कार्रवाई के संकेत
लोकसभा अध्यक्ष द्वारा संभावित कार्रवाई के सवाल पर रिजिजू ने कहा कि कुछ सांसद सदन में चर्चा नहीं चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो सदस्य नियमों का पालन नहीं करेंगे या सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालेंगे, उनके खिलाफ संसदीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेश किया विधेयक
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया। हालांकि, विधेयक पेश होने के कुछ ही मिनट बाद विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
शांभवी चौधरी ने विपक्ष पर साधा निशाना
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि यह विधेयक युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी सांसद इस विधेयक पर चर्चा चाहते हैं, लेकिन विपक्ष इस विषय पर गंभीर नहीं दिख रहा है। उनके अनुसार विपक्ष चर्चा से बचकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार चाहती है कि सदन में इस महत्वपूर्ण कानून पर खुलकर चर्चा हो।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में अहम कदम
सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद इस विधेयक पर चर्चा होती है या राजनीतिक गतिरोध जारी रहता है।
