CM योगी बोले- खेलों से जुड़ेगा युवा तो नशे से रहेगा दूर, स्मार्टफोन के नशे से भी बचने की दी सलाह

CM योगी बोले- खेलों से जुड़ेगा युवा तो नशे से रहेगा दूर, स्मार्टफोन के नशे से भी बचने की दी सलाह

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गोरखपुर: नागपंचमी के अवसर पर गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों से जोड़ने पर जोर दिया। गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह में सीएम योगी ने कहा कि युवा जितना खेल और खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ेगा, उतना ही नशे से दूर रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी के सामने दो तरह के नशे की बड़ी चुनौती है। एक ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों का नशा है, जबकि दूसरा स्मार्टफोन का नशा है।

‘नशा माफिया भारत को खोखला करना चाहता है’

सीएम योगी ने कहा कि नशा माफिया युवा पीढ़ी को अपनी गिरफ्त में लेकर भारत को खोखला बनाना चाहता है। उन्होंने कहा कि हर जागरूक नागरिक और राष्ट्रभक्त को इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहना होगा।

उन्होंने स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। सीएम ने कहा कि लोग स्मार्टफोन पर जितना समय बिताते हैं, उसका करीब 90 फीसदी हिस्सा गैरजरूरी होता है। अगर युवा स्मार्टफोन पर खर्च होने वाले समय में से 5-6 घंटे बचाकर सिर्फ एक घंटा अपने शरीर को दें तो वे स्वस्थ रह सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शरीर स्वस्थ होगा तो मस्तिष्क स्वस्थ होगा और स्वस्थ मस्तिष्क भारत को मजबूत बनाने में बेहतर योगदान देगा।

‘माफिया प्रवृत्ति युवा शक्ति की सबसे बड़ी दुश्मन’

सीएम योगी ने कहा कि माफिया प्रवृत्ति युवा शक्ति की सबसे बड़ी दुश्मन है। चाहे शिक्षा माफिया हो, नकल माफिया, पेशेवर माफिया, खेल माफिया या ड्रग माफिया, इसका सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं को होता है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले माफिया के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके एजेंडे में खेल और युवाओं के लिए कोई जगह नहीं थी। उनके मुताबिक, वर्तमान सरकार ने खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।

500 से ज्यादा खिलाड़ियों को मिली सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार की खेल नीति के तहत देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की गई है। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि अगले एक महीने के भीतर करीब 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस और अन्य विभागों में नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सीएम योगी ने बताया कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले यूपी के खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल विजेता को 4 करोड़ रुपये और ब्रॉन्ज मेडल विजेता को 2 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये और कॉमनवेल्थ व एशियाड में प्रतिभाग करने पर 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।

गांव-गांव खेल मैदान और हर जिले में स्टेडियम का लक्ष्य

सीएम योगी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर गांव में खेल का मैदान, ओपन जिम, हर विकासखंड में मिनी स्टेडियम और हर जिले में स्टेडियम हो। इसके अलावा हर कमिश्नरी स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज और प्रत्येक स्पोर्ट्स कॉलेज में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजना है।

उन्होंने बताया कि मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई गई है, जहां पाठ्यक्रम और नई प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2030 का कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होने जा रहा है और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को इसकी तैयारी अभी से शुरू करनी चाहिए।

नई युवा नीति जल्द लाएगी यूपी सरकार

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही अपनी नई ‘युवा नीति’ लेकर आएगी। इसके तहत युवाओं के लिए कई कार्यक्रम और आयोजन किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अभ्युदय कोचिंग को हर कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने हर जिले में एक एम्प्लॉयमेंट जोन बनाने का लक्ष्य रखा है, जहां युवाओं को एक ही जगह पर स्किलिंग और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

पहलवानों के लिए अखाड़ों और निजी एकेडमी को मदद

मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र और स्वयंसेवी संगठनों को भी खेल संस्कृति के विकास में योगदान देना चाहिए। निजी एकेडमी चलाने वालों को सरकार सहायता देगी, क्योंकि वे युवाओं को तराशने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पुराने पहलवानों और उस्तादों के अखाड़ों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। अखाड़ों के निर्माण, मैटिंग, कोच और मैनेजर के लिए भी सहायता की व्यवस्था की जाएगी।

कुश्ती प्रतियोगिता के विजेताओं को किया सम्मानित

नागपंचमी के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह में सीएम योगी ने विजेता पहलवानों को पुरस्कार प्रदान किए।

उत्तर प्रदेश केसरी का खिताब गौतमबुद्ध नगर के आकाश ने जीता। उन्हें 1.01 लाख रुपये और गदा प्रदान की गई। उपविजेता गाजियाबाद के प्रशांत कुमार को 51 हजार रुपये मिले।

उत्तर प्रदेश कुमार का खिताब वाराणसी के सौरभ ने जीता, जिन्हें 1.01 लाख रुपये और गदा दी गई। उपविजेता जौनपुर के अमित को 51 हजार रुपये मिले।

वहीं वीर अभिमन्यु का खिताब गाजीपुर के सूरज यादव ने जीता। उन्हें 1.01 लाख रुपये और गदा प्रदान की गई। उपविजेता गोरखपुर के जनार्दन यादव को 51 हजार रुपये मिले।

तीसरे स्थान पर रहने वाले पहलवानों को 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।

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