घर में रोजाना रूम फ्रेशनर इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित? जानें किन बातों का रखें ध्यान
Woman Using Air Spray In Living Room

घर में रोजाना रूम फ्रेशनर इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित? जानें किन बातों का रखें ध्यान

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नई दिल्ली: घर को खुशबूदार और ताजा रखने के लिए लोग स्प्रे, प्लग-इन, ऑटोमैटिक स्प्रे, रीड डिफ्यूजर, जेल और फ्रेगरेंस बीड्स जैसे रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं। इनसे कमरे की बदबू कुछ समय के लिए दूर हो जाती है, लेकिन क्या इनका लगातार इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित है? इसका जवाब रूम फ्रेशनर के प्रकार, उसमें मौजूद केमिकल और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करता है।

क्या रूम फ्रेशनर से सेहत को नुकसान हो सकता है?

पॉइजन कंट्रोल संस्थाओं की जानकारी के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में रूम फ्रेशनर की थोड़ी मात्रा के संपर्क से गंभीर नुकसान की संभावना कम होती है। हालांकि, लंबे समय तक या ज्यादा मात्रा में इनके संपर्क में रहने से कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है।

खासकर खुशबू वाले केमिकल कुछ संवेदनशील लोगों में खांसी, गले में जलन, सिरदर्द, एलर्जी या सांस से जुड़ी समस्या पैदा कर सकते हैं। इसलिए बंद कमरे में जरूरत से ज्यादा रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

अलग-अलग फ्रेशनर में अलग हो सकते हैं केमिकल

रूम फ्रेशनर कई तरह के होते हैं और उनमें इस्तेमाल होने वाले पदार्थ भी अलग-अलग हो सकते हैं। इनमें फ्रेगरेंस केमिकल, एसेंशियल ऑयल और विभिन्न सॉल्वेंट शामिल हो सकते हैं। कुछ लिक्विड प्रोडक्ट्स में खुशबू वाले तेल को सॉल्वेंट के साथ मिलाया जाता है।

एयरोसोल स्प्रे में प्रोपेलेंट गैस का इस्तेमाल हो सकता है, जबकि जेल और फ्रेगरेंस बीड्स धीरे-धीरे खुशबू छोड़ते हैं। वहीं, प्लग-इन फ्रेशनर गर्म होकर खुशबू फैलाने का काम करते हैं।

VOCs भी हो सकते हैं चिंता की वजह

कुछ रूम फ्रेशनर से वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स (VOCs) हवा में फैल सकते हैं। ये ऐसे रसायन होते हैं जो सामान्य तापमान पर गैस या वाष्प के रूप में हवा में फैल सकते हैं।

इनडोर एयर क्वालिटी और लंबे समय तक फ्रेगरेंस प्रोडक्ट्स के संपर्क को लेकर कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं सामने आई हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रूम फ्रेशनर की हल्की खुशबू से हर व्यक्ति बीमार हो जाएगा। जोखिम व्यक्ति की संवेदनशीलता, प्रोडक्ट, इस्तेमाल की मात्रा और कमरे के वेंटिलेशन पर निर्भर करता है।

स्प्रे करने के बाद सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत हटें

अगर रूम फ्रेशनर इस्तेमाल करने के बाद खांसी, गले में जलन, सांस लेने में परेशानी या घुटन महसूस हो, तो तुरंत उस जगह से हटकर ताजी हवा वाली जगह पर जाएं। छोटे और बंद कमरे में जरूरत से ज्यादा स्प्रे करने से बचें।

बच्चों से दूर रखें रूम फ्रेशनर

लिक्विड रिफिल, रीड डिफ्यूजर, जेल और फ्रेगरेंस बीड्स को बच्चों की पहुंच से दूर रखना बेहद जरूरी है। कुछ बीड्स बच्चों को आकर्षक लग सकते हैं और वे गलती से इन्हें निगल सकते हैं।

लिक्विड रूम फ्रेशनर निगलने पर मुंह और पेट में जलन, मतली या उल्टी हो सकती है। ज्यादा मात्रा में निगलने पर गंभीर समस्या भी हो सकती है। अगर बच्चा गलती से ऐसा कोई प्रोडक्ट निगल ले, तो तुरंत डॉक्टर या स्थानीय विष नियंत्रण/आपातकालीन चिकित्सा सेवा से सलाह लें।

प्लग-इन और एयरोसोल इस्तेमाल करते समय सावधानी

प्लग-इन फ्रेशनर ऐसी जगह लगाएं जहां बच्चे और पालतू जानवर आसानी से न पहुंच सकें। इस्तेमाल से पहले पैकेज पर दिए निर्देश जरूर पढ़ें।

एयरोसोल और ऑटोमैटिक स्प्रे में कुछ ज्वलनशील पदार्थ हो सकते हैं। इसलिए इन्हें माचिस, मोमबत्ती, सिगरेट या किसी अन्य खुली आग के पास इस्तेमाल न करें।

आंख या त्वचा पर गिर जाए तो क्या करें?

रूम फ्रेशनर त्वचा पर गिरने से कुछ लोगों को लालिमा, जलन या एलर्जी हो सकती है। ऐसी स्थिति में प्रभावित हिस्से को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।

अगर प्रोडक्ट आंख में चला जाए तो साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। जलन या नजर से जुड़ी समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

घर की बदबू दूर करने के लिए सिर्फ फ्रेशनर पर निर्भर न रहें

रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल कम मात्रा में और अच्छी वेंटिलेशन वाले कमरे में करना बेहतर है। बदबू छिपाने के बजाय उसके असली कारण को दूर करें। खिड़कियां खोलकर कमरे में ताजी हवा आने दें और कूड़ा, नमी, सीलन या गंदगी जैसी वजहों को साफ करें।

अगर किसी व्यक्ति को फ्रेगरेंस वाले प्रोडक्ट्स से बार-बार सिरदर्द, खांसी, एलर्जी या सांस संबंधी परेशानी होती है, तो ऐसे प्रोडक्ट का इस्तेमाल कम करना या बंद करना उचित हो सकता है।

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