नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच भारत की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तारीफ की है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया को तेज और प्रभावी बताया।
थरूर ने शनिवार को लिखे पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के आधिकारिक हैंडल को भी टैग किया।
‘भारत की प्रतिक्रिया तेज और असरदार रही’
शशि थरूर ने अपने पत्र में कहा कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ पर भारत की प्रतिक्रिया तेज और प्रभावी रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा काठमांडू से तुरंत संपर्क किए जाने और राहत कार्यों में भारत की ओर से किए गए प्रयासों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि राहत सामग्री, मेडिकल टीमों और टनल रेस्क्यू विशेषज्ञों की मदद से बचाव अभियान में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।
थरूर ने त्रिशुली-1 में फंसे भारतीय मजदूरों को बचाने को बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों ने भारत की ओर से किए गए प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया है और कई लोगों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से सरकार को धन्यवाद पहुंचाने का अनुरोध किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने के लिए दिए सुझाव
थरूर ने कहा कि नेपाल में अभी भी बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं और बचाव अभियान के लिए समय तेजी से कम हो रहा है। उन्होंने सरकार से राहत और बचाव कार्यों को और तेज करने की अपील की।
उन्होंने सुझाव दिया कि:
NDRF की पूरी टीम और आवश्यक उपकरणों को तुरंत नेपाल भेजकर तैनात किया जाए।
पासांग ल्हामू हाईवे को दोबारा खोलने के लिए अर्थ-मूविंग उपकरणों के साथ आर्मी इंजीनियर टास्क फोर्स भेजी जाए।
दुर्गम इलाकों तक पहुंचने के लिए भारतीय वायुसेना के भारी हेलीकॉप्टर तैनात किए जाएं।
मलबे वाले इलाकों की जांच के लिए ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार और थर्मल इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाए।
लापता लोगों की तलाश के लिए स्निफर डॉग स्क्वॉड और विशेष सैटेलाइट टास्किंग का इस्तेमाल किया जाए।
‘परिवार शिकायत से पहले भारत को धन्यवाद दे रहे हैं’
थरूर ने कहा कि बुधवार सुबह से ही उन्हें उन परिवारों से जानकारी मिल रही है, जिनके परिजन नेपाल में लापता हैं।
उन्होंने कहा कि किसी परिवार ने भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों को लेकर शिकायत नहीं की। इसके बजाय, वे अपने बेटे, बेटी, पति या पत्नी के बारे में बात करने से पहले भारत की ओर से की जा रही मदद के लिए आभार व्यक्त कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद ने आग्रह किया कि फंसे लोगों के रेस्क्यू और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
नेपाल दौरे पर भी गए थे शशि थरूरशशि थरूर हाल ही में बाढ़ की घटना से कुछ समय पहले नेपाल दौरे पर भी गए थे। उन्होंने बताया कि नेपाल पहुंचने तक बाढ़ से करीब 270 लोगों की मौत हो चुकी थी।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 2,000 या उससे अधिक लोग लापता बताए जा रहे थे। बाढ़ के तेज बहाव ने कम से कम 19 मोटरेबल पुलों को नुकसान पहुंचाया या बहा दिया।
इसके अलावा बेत्रावती-रुसुवागढ़ी हाईवे का करीब 40 किलोमीटर हिस्सा भी बाढ़ में बह गया और आठ पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई।
भारत-नेपाल राहत अभियान पर बढ़ा फोकस
नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान के बीच भारत की भूमिका पर लगातार नजर बनी हुई है। शशि थरूर की ओर से केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया की सार्वजनिक रूप से तारीफ किए जाने के साथ ही उन्होंने बचाव अभियान को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों के इस्तेमाल की मांग भी की है।
