AIMIM ने MLC मिर्जा रहमत बेग को पार्टी से निकाला, विधान परिषद से इस्तीफा देने का निर्देश

AIMIM ने MLC मिर्जा रहमत बेग को पार्टी से निकाला, विधान परिषद से इस्तीफा देने का निर्देश

हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने अपने विधान परिषद सदस्य (MLC) मिर्जा रहमत बेग को पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी ने उन्हें तेलंगाना विधान परिषद की सदस्यता से भी तत्काल इस्तीफा देने का निर्देश दिया है।

AIMIM की ओर से जारी आधिकारिक बयान में मिर्जा रहमत बेग के निष्कासन की जानकारी दी गई, लेकिन उन्हें पार्टी से बाहर किए जाने की वजह स्पष्ट नहीं की गई। पार्टी के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

साइबर अपराध पुलिस में दर्ज कराई थी शिकायत

मिर्जा रहमत बेग ने गुरुवार को साइबर अपराध पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ अज्ञात लोग इंटरनेट आधारित कॉल के जरिए उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं।

बेग के मुताबिक, कॉल करने वालों ने धमकी दी थी कि अगर उन्होंने पैसे देने पर सहमति नहीं जताई तो उन्हें बदनाम करने के लिए डीपफेक वीडियो और मॉर्फ की गई तस्वीरें प्रसारित की जाएंगी।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान और उनकी तलाश में जुटी है।

निष्कासन को लेकर पार्टी ने नहीं दी वजह

AIMIM के आधिकारिक बयान में बेग के खिलाफ की गई कार्रवाई के कारण का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, पार्टी सूत्रों की ओर से दावा किया गया है कि उन्हें अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया था और पार्टी नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लिया है।

कुछ रिपोर्टों में बेग के निष्कासन को कथित वीडियो लीक विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। AIMIM नेतृत्व ने भी इस मामले में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

शिकायत और पार्टी कार्रवाई के बीच उठे सवाल

मिर्जा रहमत बेग की साइबर अपराध पुलिस में शिकायत और उसके तुरंत बाद AIMIM की ओर से की गई कार्रवाई के कारण दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि पार्टी का फैसला उनकी साइबर शिकायत या कथित डीपफेक विवाद से जुड़ा है।

2023 में बने थे विधान परिषद सदस्य

मिर्जा रहमत बेग हैदराबाद स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से तेलंगाना विधान परिषद के सदस्य हैं। उन्हें वर्ष 2023 में विधान परिषद के लिए चुना गया था।

फिलहाल बेग की ओर से AIMIM के निर्देश पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि वह पार्टी के निर्देश के अनुसार विधान परिषद से इस्तीफा देते हैं, तो परिषद में एक सीट रिक्त हो सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम से तेलंगाना की राजनीति में आने वाले दिनों में और हलचल बढ़ने की संभावना है। विपक्षी दल भी AIMIM की इस अचानक कार्रवाई और इसके पीछे की वजह को लेकर सवाल उठा सकते हैं।

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