जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में सड़क संपर्क बाधित हो गया है, जबकि प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
अमित शाह ने लिया हालात का जायजा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ की स्थिति को लेकर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बातचीत की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता जल्द से जल्द पहुंचाई जाए और राहत कार्यों में किसी तरह की कमी न रहे।
रातभर हुई बारिश से बढ़ा संकट
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात करीब 1 बजे शुरू हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। इसके साथ ही कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की मौत हुई है। दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
प्रशासन राहत कार्यों में जुटा
राज्य प्रशासन, पुलिस, SDRF और अन्य एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल भी भेजे जाएंगे।
मौसम विभाग ने भी लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है, क्योंकि अगले कुछ घंटों तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।
