जोधपुर: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े शिकार मामले की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अभिनेता सलमान खान की आपत्तियों के बाद अब अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने भी फिल्म का विरोध करते हुए इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुढ़िया ने फिल्म निर्माता अमित जानी पर बिश्नोई समाज की छवि खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फिल्म के माध्यम से समाज और उसके युवाओं को कथित तौर पर गैंगस्टर के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे देश-विदेश में बिश्नोई समाज की गलत छवि बन सकती है।
“बिश्नोई समाज काले हिरण को देवतुल्य मानता है”
देवेंद्र बुढ़िया ने कहा कि बिश्नोई समाज काले हिरण को देवतुल्य मानता है और उसकी रक्षा को अपनी परंपरा का हिस्सा समझता है। उन्होंने कहा कि सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला अलग विषय है, लेकिन फिल्म के जरिए पूरे समाज को नकारात्मक रूप में दिखाने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।
उनका आरोप है कि फिल्म में समाज के युवाओं को अपराध और गैंगस्टर संस्कृति से जोड़कर पेश किया गया है, जिससे समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है।
निर्माता के दावों पर भी उठाए सवाल
देवेंद्र बुढ़िया ने फिल्म निर्माता अमित जानी द्वारा अपनी जान को खतरा बताए जाने के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के दावे केवल फिल्म को चर्चा में लाने और प्रचार हासिल करने की कोशिश हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बिश्नोई समाज किसी भी प्रकार की हिंसा में विश्वास नहीं रखता और यदि समाज की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, तो उसका विरोध केवल लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से किया जाएगा।
महासभा ने केंद्र और राज्य सरकार से फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है। फिलहाल, फिल्म निर्माता की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
