नोएडा की रिहायशी सोसाइटी में भीषण आग: 2 की मौत, 50 से अधिक परिवारों को सुरक्षित निकाला गया, ईवी बैटरी की भूमिका की जांच

नोएडा की रिहायशी सोसाइटी में भीषण आग: 2 की मौत, 50 से अधिक परिवारों को सुरक्षित निकाला गया, ईवी बैटरी की भूमिका की जांच

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नोएडा: नोएडा की एक बहुमंजिला रिहायशी सोसाइटी में लगी भीषण आग ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि करीब 50 से अधिक परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जांच में अधिकारियों ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) की बैटरी से आग लगने की आशंका जताई है, हालांकि घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

जानकारी के अनुसार, आग तड़के उस समय लगी जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। सबसे पहले कुछ निवासियों ने धुआं उठता देखा और तुरंत अन्य लोगों को सतर्क किया। देखते ही देखते धुआं सीढ़ियों और गलियारों में फैल गया, जिससे लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। कई परिवार बिना कोई सामान लिए ही जान बचाने के लिए बाहर भागे, जबकि कुछ लोग अपनी बालकनी में फंस गए और मदद का इंतजार करने लगे।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। दमकल कर्मियों ने ऑक्सीजन उपकरण पहनकर धुएं से भरी इमारत में प्रवेश किया और एक-एक मंजिल पर जाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कई बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष सहायता देकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।

अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान करीब 50 से अधिक परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद दो लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। दोनों के शव आग पर काबू पाने के बाद बरामद किए गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

आग की चपेट में आने से कुछ अन्य लोग धुएं के कारण बेहोश हो गए या उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश घायलों की हालत स्थिर है।

प्रारंभिक जांच में यह संभावना सामने आई है कि आग पार्किंग क्षेत्र में खड़े या चार्ज हो रहे किसी इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी से शुरू हुई हो सकती है। फोरेंसिक टीम बैटरी के अवशेष, चार्जिंग सिस्टम, बिजली के तारों और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि लिथियम-आयन बैटरियां सामान्य परिस्थितियों में सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन यदि बैटरी क्षतिग्रस्त हो, खराब चार्जर का उपयोग किया जाए या बिजली व्यवस्था में कोई तकनीकी खराबी हो, तो अत्यधिक गर्म होने की स्थिति में आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए केवल प्रमाणित चार्जिंग उपकरणों का उपयोग करना और समय-समय पर उनकी जांच कराना बेहद जरूरी है।

घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित हिस्से को अस्थायी रूप से सील कर दिया है। भवन की संरचनात्मक मजबूती की जांच के लिए इंजीनियरों की टीम तैनात की गई है। जब तक इमारत को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक प्रभावित फ्लैटों में रहने वाले लोगों को वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस हादसे ने एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हर रिहायशी सोसाइटी में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सुरक्षित एवं मानक आधारित चार्जिंग स्टेशन होना चाहिए। साथ ही समय-समय पर फायर ड्रिल आयोजित कर निवासियों को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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जितेन्द्र कुमार

जितेन्द्र कुमार उत्तर प्रदेश के हाथरस के रहने वाले एक भारतीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो वरिष्ठ पत्रकार और एक्सपर्ट टाइम्स नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं।

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