नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा को मंगलवार, 1 सितंबर को अपने ही संसदीय क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के छपरा में कुछ लोगों ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए और काले झंडे दिखाए।
पार्टी बैठक में शामिल होने पहुंची थीं महुआ मोइत्रा
जानकारी के मुताबिक, महुआ मोइत्रा मंगलवार सुबह पार्टी की बैठक में शामिल होने के लिए नदिया के छपरा पहुंची थीं। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोग काले झंडे लेकर वहां जमा हो गए और उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी सांसद ने इलाके के विकास और स्थानीय लोगों के लिए कुछ नहीं किया। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने खुद को बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़ा बताया। विरोध के बाद महुआ मोइत्रा वहां से चली गईं।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने दी 30 दिन की सुरक्षा
महुआ मोइत्रा को लेकर यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें अंडे फेंके जाने और अन्य प्रकार के उत्पीड़न से 30 दिनों के लिए सुरक्षा प्रदान की है।
कोर्ट के आदेश के मुताबिक, उनके निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। हालांकि, महुआ मोइत्रा को अपने दौरे की जानकारी संबंधित एसपी को 48 घंटे पहले देनी होगी।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से संबंधित यह आदेश मामले में चल रही जांच को प्रभावित नहीं करेगा। मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी।
पहले भी बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लगाया था अंडे फेंकने का आरोप
इससे पहले 1 जुलाई को भी महुआ मोइत्रा ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर उनके ऊपर अंडे और पत्थर फेंकने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि वह अपने लोकसभा क्षेत्र में पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर रही थीं, तभी बीजेपी समर्थक वहां पहुंच गए और बाहर से अंडे फेंकने लगे।
महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से फेंके गए अंडे और पत्थर उन्हें भी लगे। उन्होंने इस दौरान पुलिस पर मदद नहीं करने का आरोप भी लगाया था।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कई टीएमसी नेताओं के खिलाफ भी अंडे फेंकने की घटनाएं सामने आने का दावा किया गया था।
विरोध और सुरक्षा के बीच बढ़ी सियासी हलचल
महुआ मोइत्रा के अपने संसदीय क्षेत्र में विरोध और उन्हें मिली कोर्ट की सुरक्षा के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा में है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम पर टीएमसी की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
