नई दिल्ली: चुनाव आयोग (ECI) के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) अभियान के तहत अब तक 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। यह प्रक्रिया जून 2025 में बिहार से शुरू हुई थी और अलग-अलग चरणों में अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंची।
हाल ही में पूरे हुए तीसरे चरण में 16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे। ड्राफ्ट सूची में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बाद मतदाताओं के लिए अपने नाम दोबारा सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है।
तीसरे चरण में अकेले 6.15 करोड़ नाम हटे
अब तक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने वाले 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 13.37 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। तीसरे चरण में शामिल 17 प्रशासनिक इकाइयों की ड्राफ्ट सूची में ही करीब 6.15 करोड़ नामों की कटौती हुई है।
ड्राफ्ट स्टेज पर नाम हटाए जाने के बाद संबंधित मतदाता को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम दोबारा शामिल कराने के लिए दावा करना होगा। इसके लिए फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा-पत्र जमा किया जा सकता है।
दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रतिशत कटौती
प्रतिशत के लिहाज से दिल्ली में सबसे बड़ी कटौती दर्ज की गई है। SIR से पहले दिल्ली में करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे, जबकि ड्राफ्ट सूची में करीब 97.53 लाख मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं।
इस तरह करीब 47.56 लाख नाम हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 32.8 फीसदी है।
हटाए गए नामों में ‘अनुपस्थित’, ‘अन्यत्र स्थानांतरित’ और ‘अनिर्दिष्ट’ जैसी श्रेणियां शामिल हैं।
महाराष्ट्र में संख्या के हिसाब से सबसे बड़ी गिरावट
महाराष्ट्र में संख्या के लिहाज से सबसे ज्यादा नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए हैं। SIR से पहले राज्य में करीब 9.78 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर करीब 7.71 करोड़ रह गई।
यानी लगभग 2.07 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। यह कुल मतदाताओं का करीब 21.1 फीसदी है।
इन राज्यों और UTs में भी 20% से ज्यादा नाम हटे
महाराष्ट्र और दिल्ली के अलावा तीन अन्य क्षेत्रों में भी 20 फीसदी से अधिक मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए हैं।
- दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव: 29.6%
- तेलंगाना: 21.7%
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 20.6%
राज्यवार SIR में हटाए गए नाम
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | चरण | हटाए गए नाम | प्रतिशत कटौती |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 3 | 47.56 लाख | 32.80% |
| दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव | 3 | 1.20 लाख | 29.60% |
| तेलंगाना | 3 | 73.39 लाख | 21.70% |
| महाराष्ट्र | 3 | 2.06 करोड़ | 21.10% |
| अंडमान और निकोबार | 2 | — | 20.60% |
| अरुणाचल प्रदेश | 3 | 1.69 लाख | 19.09% |
| झारखंड | 3 | 43.61 लाख | ~16.48% |
| हरियाणा | 3 | 33.83 लाख | 16.38% |
| कर्नाटक | 3 | 1.07 करोड़ | — |
| चंडीगढ़ | 3 | 66,181 | 12.80% |
| उत्तर प्रदेश | 2 | ~1.54 करोड़+ | ~10.00% |
| तमिलनाडु | 2 | ~67 लाख | ~10.80% |
| आंध्र प्रदेश | 3 | 44.89 लाख | 10.78% |
| पश्चिम बंगाल | 1 | ~83 लाख | ~10.70% |
| उत्तराखंड | 3 | 8.26 लाख | 10.39% |
| सिक्किम | 3 | 37,724 | 8.00% |
| मेघालय | 3 | 1.80 लाख | 7.67% |
| राजस्थान | 2 | ~41.85 लाख | ~7.60% |
| मणिपुर | 3 | 1.58 लाख | 7.50% |
| मध्य प्रदेश | 2 | ~42.74 लाख | ~7.40% |
| पंजाब | 3 | 20.66 लाख | — |
| छत्तीसगढ़ | 2 | ~12.50 लाख | ~6.10% |
| ओडिशा | 3 | 20.12 लाख | 6.02% |
| बिहार | 1 | ~47 लाख | ~5.90% |
| गुजरात | 2 | ~28 लाख | ~5.50% |
| मिजोरम | 3 | 46,162 | 5.20% |
नोट: तालिका में वे आंकड़े दिए गए हैं जो उपलब्ध विवरण के अनुसार बताए गए हैं।
नागालैंड और त्रिपुरा में प्रक्रिया बाकी
SIR की प्रक्रिया अभी नागालैंड और त्रिपुरा में शुरू होनी बाकी है। इन दोनों राज्यों में गणना और ड्राफ्ट संशोधन की प्रक्रिया आगामी दो महीनों में शुरू होने की बात कही गई है।
नाम कट गया है तो कैसे जुड़वाएं?
यदि किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके साथ निर्धारित घोषणा-पत्र और आवश्यक पहचान एवं निवास संबंधी दस्तावेज जमा करने होंगे।
मतदाता को संबंधित चुनाव कार्यालय में तय प्रक्रिया के तहत दावा प्रस्तुत करना होगा।
दिल्ली में दावे-आपत्तियों की समयसीमा
दिल्ली में ड्राफ्ट मतदाता सूची के संबंध में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया के लिए तय समयसीमा इस प्रकार है:
- दावे और आपत्तियां: 31 अगस्त से 30 सितंबर तक
- जांच और निपटारा: 29 अक्टूबर तक
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 4 नवंबर
हटाए गए नामों की सूची भी होगी उपलब्ध
मतदाताओं को पारदर्शिता के लिए हटाए गए नामों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। ‘Absent’, ‘Shifted’, ‘Deceased’ और ‘Duplicate’ जैसी श्रेणियों के तहत हटाए गए मतदाताओं की बूथवार सूचियां निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के कार्यालय और संबंधित मतदान केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
इसके अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सूचियों को ऑनलाइन जांचा जा सकता है।
डुप्लीकेट नाम मिलने पर क्या होगा?
यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों या विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में पाया जाता है, तो नियम के अनुसार उसका नाम हर जगह से हटाने के बजाय सत्यापन और आवश्यक प्रक्रिया के बाद एक स्थान की सूची में बरकरार रखा जाता है और बाकी स्थानों से हटाया जाता है।
SIR के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बाद अब मतदाताओं के लिए ड्राफ्ट सूची में अपना नाम जांचना और जरूरत पड़ने पर समयसीमा के भीतर दावा या आपत्ति दाखिल करना अहम हो गया है।
