तालचेर: वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के प्रस्ताव पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (22 अगस्त) को ओडिशा के तालचेर में कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी देश की एकता, पहचान और स्वाभिमान के साथ खड़ी नहीं रही।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है और वंदे मातरम् को लेकर पार्टी का रुख इसी राजनीति की पराकाष्ठा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का असली चेहरा देश की जनता के सामने आ गया है।
वंदे मातरम् पर क्या है कांग्रेस का 1937 वाला प्रस्ताव?
दिल्ली में बुधवार को वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस कार्यकर्ता वंदे मातरम् को लेकर 1937 में पारित प्रस्ताव का ही पालन करेंगे।
इसके तहत कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी 1937 में बनी सहमति के अनुसार ही इस परंपरा का पालन करेगी।
जयराम रमेश ने क्या कहा?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 1937 में कांग्रेस नेतृत्व की सहमति से जो प्रस्ताव पारित हुआ था, पार्टी उसी का पालन करेगी।
उन्होंने कहा कि उस समय महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, रवींद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस समेत कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में सहमति बनी थी। जयराम रमेश के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इस मुद्दे पर कोई भ्रम नहीं है और वे 1937 के प्रस्ताव के अनुसार वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरे ही गाएंगे।
CWC बैठक में 88 से ज्यादा लोग हुए शामिल
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की विस्तृत बैठक हुई, जिसमें CWC सदस्य, स्थायी आमंत्रित सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्य और कांग्रेस के चार मुख्यमंत्री शामिल हुए।
उन्होंने बताया कि बैठक में 88 से ज्यादा लोग मौजूद थे, जबकि मुख्यमंत्रियों और वर्किंग कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों समेत 33 लोगों ने चर्चा में हिस्सा लिया।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ विवाद
वंदे मातरम् को लेकर यह विवाद 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद सामने आया। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रगीत का अपमान किया।
इसके बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। अब CWC के 1937 के प्रस्ताव का हवाला देते हुए कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरे गाने की बात कही है, जबकि बीजेपी इसे लेकर कांग्रेस पर लगातार निशाना साध रही है।
