लंदन: ब्रिटेन को नया प्रधानमंत्री मिल गया है। ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है। पिछले सप्ताह उन्हें सत्तारूढ़ लेबर पार्टी का नया नेता चुना गया था, जिसके बाद उन्होंने कीर स्टार्मर (Keir Starmer)की जगह ली। अब एंडी बर्नहैम आधिकारिक तौर पर 10 डाउनिंग स्ट्रीट से सरकार का नेतृत्व करेंगे।
पिछले 10 वर्षों में ब्रिटेन के छठे प्रधानमंत्री
एंडी बर्नहैम पिछले एक दशक में ब्रिटेन के छठे प्रधानमंत्री बने हैं। उनका कार्यभार ऐसे समय में शुरू हुआ है, जब लेबर पार्टी राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है।
हाल के महीनों में पार्टी की लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि दक्षिणपंथी नेता निगेल फराज की पार्टी लगातार अपना जनाधार बढ़ा रही है। ऐसे में लेबर पार्टी को उम्मीद है कि नए नेतृत्व के जरिए वह जनता का भरोसा दोबारा हासिल कर सकेगी।
कीर स्टार्मर ने सौंपा इस्तीफा
प्रधानमंत्री पद छोड़ने से पहले कीर स्टार्मर ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर विदाई भाषण दिया। इसके बाद उन्होंने बकिंघम पैलेस पहुंचकर किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात की और औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया।
ब्रिटेन की संवैधानिक परंपरा के अनुसार, राजा ने इसके बाद एंडी बर्नहैम को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने नई सरकार की प्राथमिकताओं और आने वाले एजेंडे पर काम शुरू कर दिया है।
नई कैबिनेट का गठन पहली प्राथमिकता
प्रधानमंत्री बनने के बाद एंडी बर्नहैम के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी नई कैबिनेट का गठन करना है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही उनकी मंत्रिपरिषद के सदस्यों के नामों की घोषणा की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव लेबर पार्टी के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है, क्योंकि पार्टी आगामी चुनावों से पहले अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना चाहती है।
2029 में होंगे अगले आम चुनाव
ब्रिटेन में अगला आम चुनाव 2029 में प्रस्तावित है। पिछला आम चुनाव 2024 में हुआ था। इसलिए प्रधानमंत्री बदलने का मतलब यह नहीं है कि देश में दोबारा आम चुनाव होंगे।
कीर स्टार्मर ने 22 जून को लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उनका कार्यकाल लगभग दो वर्ष का रहा। इस दौरान उनकी सरकार कई राजनीतिक विवादों और फैसलों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रही।
हालांकि, नई सरकार के गठन के साथ अब सभी की नजर एंडी बर्नहैम के नेतृत्व, उनकी कैबिनेट और आने वाले नीतिगत फैसलों पर टिकी हुई है।
