नई दिल्ली: देशभर में बैंक खातों में मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) बनाए नहीं रखने वाले ग्राहकों से पिछले चार वर्षों में बैंकों ने कुल ₹26,100 करोड़ का जुर्माना वसूला है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा में जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकारी और निजी दोनों श्रेणी के बैंकों ने निर्धारित नियमों के तहत यह राशि ग्राहकों से वसूल की।
सरकार के अनुसार, बैंक खातों में तय न्यूनतम औसत बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य होता है। यदि कोई ग्राहक निर्धारित सीमा से कम बैलेंस रखता है, तो संबंधित बैंक अपने नियमों के अनुसार पेनल्टी वसूलता है।
वित्त मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक ने सबसे अधिक ₹5,670 करोड़ का जुर्माना वसूला। इसके बाद एक्सिस बैंक ने ₹3,787 करोड़ और बैंक ऑफ बड़ौदा ने लगभग ₹2,028 करोड़ की पेनल्टी ग्राहकों से वसूली।
सूची में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) चौथे स्थान पर रहा, जिसने ₹1,896 करोड़ का जुर्माना वसूला। वहीं इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान ग्राहकों से ₹1,777 करोड़ की पेनल्टी वसूली।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि सरकारी बैंकों का डेटा वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक का है, जबकि निजी बैंकों का डेटा 2022-23 से 2025-26 तक की अवधि को शामिल करता है।
