लंबे समय तक बैठने से डरने की जरूरत नहीं? स्टैंडिंग डेस्क से भी नहीं मिलती बड़ी कैलोरी बर्न

लंबे समय तक बैठने से डरने की जरूरत नहीं? स्टैंडिंग डेस्क से भी नहीं मिलती बड़ी कैलोरी बर्न

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नई दिल्ली: लंबे समय तक बैठकर काम करने को लंबे समय से सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता रहा है। 2015 में सामने आई एक स्टडी में भी बताया गया था कि कोई व्यक्ति नियमित फिजिकल एक्टिविटी करता हो, तब भी लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, बाद की रिसर्च में इस खतरे को लेकर कुछ अलग तस्वीर सामने आई है।

बैठने का खतरा जितना बताया गया, उतना नहीं?

साल 2018 में अमेरिकन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, बैठने से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम को लेकर जो आशंकाएं सामने आई थीं, उनका असर पहले बताए गए अनुमान से काफी कम पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, यह खतरा करीब दसवें हिस्से के बराबर था।

इसका मतलब यह नहीं है कि लंबे समय तक बैठे रहना पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन इसे लेकर पैदा किया गया डर शायद वास्तविक जोखिम से कहीं ज्यादा था।

क्या स्टैंडिंग डेस्क है बेहतर विकल्प?

लंबे समय तक बैठकर काम करने के विकल्प के तौर पर कई ऑफिस में स्टैंडिंग डेस्क या खड़े होकर काम करने वाले वर्कस्टेशन बनाए जाते हैं। माना जाता है कि इससे बैठने का समय कम किया जा सकता है।

हालांकि, 2016 में हुए एक विश्लेषण के मुताबिक, खड़े होकर काम करने पर बैठने की तुलना में व्यक्ति प्रति घंटे सिर्फ करीब 9 अतिरिक्त कैलोरी बर्न करता है। यानी केवल बैठने के बजाय खड़े होकर काम करने से कैलोरी बर्न में बहुत बड़ा अंतर नहीं आता।

महंगा स्टैंडिंग डेस्क खरीदना ही काफी नहीं

अगर किसी ने यह सोचकर महंगा स्टैंडिंग डेस्क खरीदा है कि इससे उसकी सेहत में जबरदस्त सुधार आएगा, तो ऐसा जरूरी नहीं है। सिर्फ काम करने की पोजीशन बदलने से स्वास्थ्य पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रहे और बीच-बीच में उठकर चले, शरीर को सक्रिय रखे और नियमित शारीरिक गतिविधि करे।

लगातार बैठे रहने से बेहतर है एक्टिव रहना

ऑफिस में घंटों लगातार बैठने या खड़े रहने के बजाय काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लेना ज्यादा उपयोगी हो सकता है। कुछ देर चलना, सीढ़ियों का इस्तेमाल करना या नियमित एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करना शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है।

यानी सेहत के लिए सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि आप बैठकर काम कर रहे हैं या खड़े होकर, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि पूरे दिन आपका शरीर कितना सक्रिय रहता है।

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