नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित विजय सेल्स के शोरूम में बुधवार को भीषण आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि कुछ ही मिनटों में पूरे शोरूम से धुएं का घना गुबार उठने लगा, जिसे कई किलोमीटर दूर तक देखा गया। आग की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकल विभाग की कई गाड़ियों को आग बुझाने के लिए लगाया गया और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की दुकानों और इमारतों को खाली कराया गया तथा क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही समय बाद शोरूम की ऊपरी मंजिलों से तेज लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। आग की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। पुलिस ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
विजय सेल्स का यह शोरूम इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का प्रमुख बिक्री केंद्र है, जहां टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, मोबाइल फोन, लैपटॉप, वॉशिंग मशीन सहित कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान रखे जाते हैं। आग लगने के कारण शोरूम में रखा करोड़ों रुपये का सामान जलकर खाक होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि नुकसान का वास्तविक आकलन आग पूरी तरह बुझने और जांच पूरी होने के बाद ही किया जा सकेगा।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है। घटना के बाद संबंधित विभागों की टीमों ने जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञ भवन की विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा उपकरणों और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच करेंगे ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के दौरान सबसे बड़ी चुनौती शोरूम के भीतर मौजूद बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और ज्वलनशील पैकेजिंग सामग्री रही। इन्हीं कारणों से आग तेजी से फैलती चली गई। दमकल कर्मियों ने विशेष उपकरणों की सहायता से आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोका और लगातार कूलिंग ऑपरेशन चलाया ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना समाप्त की जा सके।
घटना के कारण उत्तम नगर क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से आसपास के मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया, जिससे कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से घटनास्थल के आसपास न जाएं और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
इस घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े शोरूम और व्यावसायिक भवनों में नियमित फायर ऑडिट, अग्निशमन उपकरणों की समय-समय पर जांच, कार्यशील स्प्रिंकलर सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर और आपातकालीन निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
फिलहाल दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। आग लगने के वास्तविक कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन तथा हुए नुकसान का विस्तृत आकलन जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
