नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की अहमियत को लेकर सवाल उठाए हैं। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान जब भारत की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया तो जयशंकर ने कहा कि तीनों देशों के सामने मौजूदा समय में सैन्य परिस्थितियां बनी हुई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि मक्का समझौते ने अब तक इन परिस्थितियों से निपटने के लिए क्या किया है।
हालांकि, विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी सुरक्षा और रणनीतिक गणना करते समय इस समझौते समेत क्षेत्र में होने वाले सभी घटनाक्रमों को ध्यान में रखेगा।
भारत की सुरक्षा गणना में हर घटनाक्रम महत्वपूर्ण
एस जयशंकर ने कहा कि भारत के प्रति सही रुख नहीं रखने वाले किसी भी देश से जुड़ा हर घटनाक्रम उसकी सुरक्षा गणना का हिस्सा होता है।
उन्होंने कहा, “मेरी गणना में हर चीज मायने रखती है, हर चीज का अपना महत्व है और कभी-कभी चीजों को आगे बढ़ने देना पड़ता है।”
विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत के प्रति अनुकूल रुख नहीं रखने वाले किसी भी पक्ष की गतिविधियों को भारत अपनी रणनीतिक गणना में जरूर शामिल करता है।
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने किया रक्षा समझौता
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने 7 अगस्त को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसे तीनों देशों की सामूहिक प्रतिरोध क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया गया था।
समझौते के तहत अगर तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इसके अलावा समझौते में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच रक्षा सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को मजबूत करने का प्रावधान किया गया है।
आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर बरसे जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान के आतंकवाद के इस्तेमाल को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने पाकिस्तान को एक “अनोखा देश” बताते हुए कहा कि दुनिया में ऐसा कोई दूसरा देश नहीं है, जो अपने पड़ोसी पर दबाव बनाने और हमला करने के लिए आतंकवाद का इतने व्यवस्थित और लगातार तरीके से इस्तेमाल करता हो।
जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान की यह नीति सिर्फ भारत और पाकिस्तान के संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर भारत की जनता की सोच और जनमत पर भी पड़ता है।
पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों पर भी बोले विदेश मंत्री
पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल पर जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने भी अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को काफी हद तक अलग तरीके से विकसित किया है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान केवल इसलिए अलग नहीं है क्योंकि वह भारत का पड़ोसी है। भारत के कई अन्य पड़ोसी देश हैं और अलग-अलग देशों के बीच विवाद भी होते हैं।
जयशंकर के मुताबिक, पाकिस्तान की विशिष्टता यह है कि आज के समय में कोई दूसरा देश अपने पड़ोसी पर हमला करने और दबाव बनाने के लिए आतंकवाद का इतने व्यवस्थित और लगातार तरीके से इस्तेमाल नहीं करता।
