डूंगरपुर: राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय और पंचायती राज चुनाव को लेकर डूंगरपुर जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। डूंगरपुर नगर परिषद से लेकर सागवाड़ा नगर पालिका तक राजनीतिक दलों ने संभावित उम्मीदवारों और चुनावी समीकरणों को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। BJP और कांग्रेस के साथ भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) भी चुनावी मैदान में अपनी ताकत आजमाने की तैयारी में हैं।
आदिवासी बहुल डूंगरपुर में इस बार निकाय चुनाव कई मायनों में अहम माना जा रहा है। खास तौर पर डूंगरपुर नगर परिषद में लंबे समय से BJP के प्रभाव के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी अपना पुराना राजनीतिक गढ़ बचा पाएगी या कांग्रेस, BAP और BTP नए समीकरण बनाकर सत्ता की तस्वीर बदल पाएंगी।
डूंगरपुर नगर परिषद में BJP के सामने गढ़ बचाने की चुनौती
डूंगरपुर नगर परिषद को लंबे समय से BJP का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता रहा है। करीब 35 वर्षों से BJP के प्रभाव वाली नगर परिषद में इस बार पार्टी के सामने अपना दबदबा बरकरार रखने की चुनौती होगी।
वहीं कांग्रेस नगर परिषद की सत्ता में वापसी के लिए रणनीति तैयार करने में जुटी है। पार्टी की नजर वार्डवार मजबूत उम्मीदवारों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर है। ऐसे में टिकट वितरण से लेकर चुनावी रणनीति तक हर कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BAP की सक्रियता से मुकाबला हो सकता है त्रिकोणीय
आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) की राजनीतिक सक्रियता लगातार चर्चा में रही है। आगामी निकाय चुनाव में BAP की मौजूदगी BJP और कांग्रेस के सामने नई चुनौती पेश कर सकती है।
अगर पार्टी स्थानीय जनाधार वाले मजबूत चेहरों को मैदान में उतारती है तो कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकता है। ऐसे में क्षेत्रीय दलों की भूमिका चुनावी नतीजों पर असर डाल सकती है।
BTP भी मजबूत करने में जुटी राजनीतिक जमीन
भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) भी निकाय चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी कर रही है। इसके चलते डूंगरपुर नगर परिषद के कई वार्डों में मुकाबला केवल BJP और कांग्रेस के बीच सीमित रहने की संभावना नहीं है।
स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, सामाजिक समीकरण और वार्ड स्तर पर संगठन की मजबूती चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभा सकती है।
सागवाड़ा नगर पालिका पर भी सभी दलों की नजर
डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगर पालिका का चुनाव भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले चुनाव के बाद यहां सत्ता के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिला था।
दिए गए राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक, पिछले चुनाव में कांग्रेस ने नगर पालिका में सत्ता हासिल की थी, लेकिन बाद में समीकरण बदले और करीब चार साल तक BJP के अध्यक्ष के नेतृत्व में नगर पालिका की कमान रहने का दावा किया जा रहा है।
अब आगामी चुनाव में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सागवाड़ा नगर पालिका की सत्ता किस राजनीतिक दल के हाथ में जाएगी।
टिकट वितरण पर टिकी सभी की नजर
चुनाव से पहले सबसे ज्यादा चर्चा टिकट वितरण को लेकर होने की संभावना है। BJP, कांग्रेस, BAP और BTP के सामने हर वार्ड में ऐसे उम्मीदवार उतारने की चुनौती होगी, जिनकी स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ हो।
संभावित दावेदारों ने भी अपने स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। वार्डों में बैठकें, सामाजिक संपर्क और राजनीतिक गतिविधियों के जरिए दावेदार अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।
सड़क-पानी से लेकर सफाई तक होंगे स्थानीय मुद्दे
डूंगरपुर नगर परिषद और सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव में सड़क, पानी, सफाई, बिजली, नालियां, अतिक्रमण, यातायात व्यवस्था, विकास कार्य और शहर की मूलभूत सुविधाएं प्रमुख चुनावी मुद्दे बन सकते हैं।
इसके अलावा पिछले कार्यकाल में हुए विकास कार्य और लंबित समस्याओं को लेकर भी राजनीतिक दल मतदाताओं के बीच अपनी बात रखेंगे।
वार्डवार समीकरण तय करेंगे चुनावी तस्वीर
डूंगरपुर में BJP के सामने जहां करीब 35 साल पुराने प्रभाव को बनाए रखने की चुनौती है, वहीं कांग्रेस सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी। दूसरी ओर BAP और BTP की मौजूदगी मुकाबले को और रोचक बना सकती है।
निकाय चुनाव में बड़े राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ वार्डवार समीकरण, उम्मीदवार की लोकप्रियता, स्थानीय संगठन और मतदाताओं के बीच पकड़ सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर होंगे।
कौन सा दल किस वार्ड से किस चेहरे को मैदान में उतारता है, टिकट वितरण के बाद बागी उम्मीदवारों की स्थिति क्या रहती है और क्षेत्रीय दल कितने वार्डों में मजबूत प्रत्याशी उतारते हैं—इन सवालों के जवाब चुनावी तस्वीर को काफी हद तक स्पष्ट करेंगे।
डूंगरपुर में किसकी बनेगी सरकार?
फिलहाल डूंगरपुर जिले में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित प्रत्याशियों को लेकर बैठकों और चर्चाओं का दौर जारी है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, राजनीतिक दलों की सक्रियता भी बढ़ने की संभावना है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि डूंगरपुर नगर परिषद में 35 साल पुराने BJP के प्रभाव को कौन चुनौती देगा? क्या कांग्रेस सत्ता में वापसी कर पाएगी या BAP-BTP नए राजनीतिक समीकरण बनाकर बड़ा उलटफेर करेंगी? वहीं सागवाड़ा नगर पालिका में बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच जनता इस बार किसे सत्ता की चाबी सौंपती है, यह देखना भी दिलचस्प होगा।
