नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पेललेट गन के इस्तेमाल के मामले में छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र हाई पावर कमेटी से जांच कराई जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदर्शन के दौरान घायल हुए 25 वर्षीय शेख इरशाद मंसूरी की मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट सामने आई है।
MLC रिपोर्ट में सामने आईं अहम जानकारियां
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC) के ईएनटी एवं हेड-नेक सर्जरी विभाग की 24 जुलाई की MLC रिपोर्ट में बताया गया है कि 21 जुलाई 2026 को मरीज की जनरल एनेस्थीसिया के तहत सर्जरी की गई। इस दौरान उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों से कई धातु के कण (Metallic Foreign Bodies) निकाले गए।
शरीर के कई हिस्सों से निकले धातु के कण
रिपोर्ट के अनुसार, मरीज के सिर, गर्दन, चेहरे, दाएं कंधे, दाईं गर्दन, दाएं मैक्सिलरी एंट्रम, निचले होंठ की अंदरूनी परत और बाएं माथे से लगभग 2 मिमी आकार के धातु के कण निकाले गए। डॉक्टरों के अनुसार, ये कण शरीर के मुलायम ऊतकों में सतही रूप से फंसे हुए थे।
आंख के पास भी मिला विदेशी कण
एमएलसी रिपोर्ट के ऑप्थैल्मोलॉजी नोट्स के अनुसार, मरीज की बाईं आंख के ऑर्बिटल हिस्से से भी सर्जरी के दौरान एक धातु का कण निकाला गया। रिपोर्ट में बताया गया कि यह कण आंख की मांसपेशी के ऊपरी हिस्से के पास लगभग 8 से 10 मिमी की गहराई में मौजूद था। करीब 3 मिमी का चीरा लगाकर इसे बाहर निकाला गया। निकाला गया कण लगभग 3×3 मिमी आकार का था, जिसकी सतह धातु जैसी चमकदार और किनारे नुकीले बताए गए हैं।
पीड़ित का दावा
शेख इरशाद मंसूरी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि सर्जरी के बाद उनके शरीर से कुल सात पेललेट जैसे धातु के कण निकाले गए हैं। उनका कहना है कि चेहरे के आसपास अब भी कुछ कण मौजूद हैं। मामले को लेकर राहुल गांधी ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग दोहराई है।
