पटना: बिहार में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 25 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव करने का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे।
ABSU पिछले 12 दिनों से पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहा है। संगठन के मुताबिक, दो छात्र पिछले छह दिनों से अनशन पर बैठे हैं। ABSU अध्यक्ष सौरव कुमार ने अनशन कर रहे छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों से बातचीत के बाद आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की है।
70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
छात्रों की प्रमुख मांग 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित कराने की है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा के संचालन और परिणाम प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
छात्रों ने पूरी प्रक्रिया की जांच उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में CBI से कराने की मांग की है। इसके अलावा मार्क्स, कॉपियों की जांच, टॉपर्स के मूल्यांकन और मार्किंग पैटर्न को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
लाइब्रेरियन भर्ती से लेकर BSSC परीक्षाओं तक कई मांगें
ABSU ने बिहार में विभिन्न सरकारी भर्तियों को लेकर भी सरकार के सामने मांगें रखी हैं। संगठन का कहना है कि लाइब्रेरियन की बहाली पिछले 18 वर्षों से नहीं हुई है, इसलिए इसे जल्द जारी किया जाना चाहिए।
इसके अलावा बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की परीक्षाओं में संविदा वेटेज हटाने, लंबित परीक्षाओं की तारीख घोषित करने और भर्ती प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की मांग की गई है।
1799 पदों वाली दरोगा भर्ती रद्द करने की मांग
छात्र संगठन ने 1799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा को भी रद्द करने की मांग की है। ABSU का आरोप है कि इस परीक्षा में भी अनियमितताएं हुई हैं।
वहीं, असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली से पहले अनिवार्य एलिजिबिलिटी टेस्ट कराने की मांग भी छात्र संगठन ने उठाई है।
भर्ती परीक्षाओं के लिए वार्षिक कैलेंडर की मांग
ABSU ने बिहार में सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया की समयसीमा की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
छात्र संगठन ने सभी भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 45 वर्ष करने की मांग भी रखी है।
स्थानीय युवाओं के लिए 90 फीसदी तक आरक्षण की मांग
ABSU ने डोमिसाइल नीति में स्थानीय युवाओं को 90 फीसदी तक आरक्षण देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि बिहार के युवाओं को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
इसके साथ ही पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और सेटिंग जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने तथा दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई है।
25 अगस्त के प्रदर्शन पर प्रशासन की नजर
फिलहाल सभी की नजर 25 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव पर है। छात्रों के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों में जुट गया है। अब देखना होगा कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और 25 अगस्त का प्रदर्शन किस रूप में सामने आता है।
