नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त 2026 से गॉल में होने जा रहा है। सीरीज शुरू होने से पहले सबसे ज्यादा चर्चा गॉल की पिच और मौसम को लेकर है। श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने पिच को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उनके मुताबिक, बारिश के कारण शुरुआत में गॉल की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रह सकती है, जबकि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों को ज्यादा मदद मिलने की संभावना है।
पहले 2-3 दिन बल्लेबाजों को मिल सकती है मदद
धनंजय डी सिल्वा ने बताया कि गॉल में फिलहाल बारिश हो रही है और परिस्थितियां पूरी तरह सूखी नहीं हैं। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि मुकाबले के शुरुआती दो से तीन दिन पिच बल्लेबाजों का साथ दे सकती है।
उन्होंने कहा कि इसके बाद धीरे-धीरे पिच पर टर्न बढ़ सकता है और स्पिन गेंदबाज मुकाबले में ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं।
श्रीलंकाई कप्तान के मुताबिक, उनकी टीम की बल्लेबाजी मजबूत है और उन्हें उम्मीद है कि पिच दोनों टीमों के लिए प्रतिस्पर्धी रहेगी।
स्पिन श्रीलंका का मुख्य हथियार, तेज गेंदबाज भी तैयार
धनंजय डी सिल्वा ने यह भी स्पष्ट किया कि श्रीलंका सिर्फ स्पिन गेंदबाजी पर निर्भर नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि स्पिनर टीम की गेंदबाजी का मुख्य हथियार जरूर होंगे, लेकिन टीम के पास कुछ अच्छे तेज गेंदबाज भी हैं, जो मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
गॉल में बन चुके हैं 700 से ज्यादा रन
गॉल की पिच पर बल्लेबाजों के लिए बड़े स्कोर बनाना कोई नई बात नहीं है। इस मैदान पर एक पारी में 700 रन तक बन चुके हैं, जबकि पांच अन्य मौकों पर भी 600 से ज्यादा रन का स्कोर देखने को मिला है।
ये आंकड़े बताते हैं कि परिस्थितियां अनुकूल होने पर गॉल में बल्लेबाज बड़ी पारियां खेल सकते हैं। हालांकि, मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों के लिए पिच मददगार होने की संभावना रहती है।
प्रभात जयसूर्या श्रीलंका के लिए बड़ा हथियार
धनंजय डी सिल्वा ने गॉल के आंकड़ों के आधार पर श्रीलंका को भारत पर बढ़त मिलने की बात कही। उन्होंने खासतौर पर बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या का जिक्र किया।
जयसूर्या का गॉल में रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने इस मैदान पर 21 पारियों में 81 विकेट हासिल किए हैं और 9 बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया है।
श्रीलंकाई कप्तान का मानना है कि गॉल में जयसूर्या के अनुभव से मेजबान टीम को फायदा मिल सकता है।
भारत का ओवरऑल रिकॉर्ड श्रीलंका से बेहतर
हालांकि, दोनों टीमों के बीच टेस्ट क्रिकेट के आंकड़ों में भारत का पलड़ा भारी है। भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 46 टेस्ट मैच खेले गए हैं।
- भारत ने 22 टेस्ट जीते हैं।
- श्रीलंका को 7 मुकाबलों में जीत मिली है।
- 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं।
ऐसे में गॉल में श्रीलंका अपने घरेलू परिस्थितियों के फायदे को भुनाने की कोशिश करेगा।
भारत को हल्के में नहीं ले रही श्रीलंकाई टीम
धनंजय डी सिल्वा ने भारतीय टीम को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही। उन्होंने भारत की हालिया घरेलू टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार का जिक्र किया, लेकिन साथ ही कहा कि इससे भारतीय टीम की स्पिन खेलने की क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि भारत निश्चित रूप से वापसी के लिए उत्सुक होगा और श्रीलंका को उसके खिलाफ पूरी तरह तैयार रहना होगा।
‘चौथे-पांचवें दिन तक मैच ले गए तो बेहतर मौका’
श्रीलंकाई कप्तान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोई भी मुकाबला आसान नहीं होता। अगर उनकी टीम मैच को चौथे और पांचवें दिन तक ले जाने में सफल रहती है तो उनके पास भारत को हराने का बेहतर मौका होगा।
धनंजय डी सिल्वा ने कहा कि श्रीलंका की कोशिश होगी कि पूरी सीरीज में भारतीय टीम पर लगातार दबाव बनाया जाए और उसके लिए परिस्थितियों को ज्यादा से ज्यादा मुश्किल बनाया जाए।
अब सभी की नजरें 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले भारत-श्रीलंका टेस्ट पर हैं, जहां शुरुआती दिनों में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिलेगा या स्पिनर जल्दी ही मैच पर असर डालेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।
